काबुल। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि ड्रोन हमले में आतंकी फजलुल्लाह उर्फ मुल्ला रेडियो मारा गया है। मुल्ला रेडियो आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का सरगना था। 13 जून को अमेरिका ने ये ड्रोन हमला अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर कुनार प्रांत में किया था। फजलुल्लाह ही वह आतंकी है जिसने नोबल विजेता मलाला यूसुफजई को भी मरवाने की कोशिश की थी।
ड्रोन हमले के वक्त फजलुल्लाह और उसके साथी इफ्तार पार्टी कर रहे थे। मुल्ला फजलुल्लाह पर पेशावर के आर्मी स्कूल पर हमला समेत कई और बड़े आतंकी हमले कराने का आरोप थे। वह अमेरिकी सेना की मोस्ट वांटेड लिस्ट में था। उस पर करीब 50 लाख डॉलर (32.5 करोड़ रुपए) का इनाम रखा गया था।
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तहरीक-ए-तालिबान का सरगना 2010 में न्यू यॉर्क के टाइम्स स्क्वेयर कार बम विस्फोट की कोशिश से लेकर पाकिस्तान में कई बार किए गए खूनी हमलों में शामिल था। पाकिस्तानी अधिकारियों की मानें तो लगातार अभियान के बाद तहरीक ए तालिबान की गतिविधिया पाकिस्तान बंद करवाई गई थी। उसके बाद से फजलुल्लाह अफगानिस्तान में ही कहीं छिपा हुआ था। 2013 में टीटीपी का मुखिया बनने के बाद 2014 में उसने पेशावर स्कूल हमले की साजिश रची। इस हमले में 130 बच्चों समेत 151 लोग मारे गए थे।
वेब डेस्क, IBC24