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Indore Lokayukta Raid: बिजली विभाग के अधीक्षण यंत्री पर लोकायुक्त का कड़ा शिकंजा, घर में मिले सोना-चांदी समेत करोड़ों की संपत्ति, अब परिजनों की फर्में भी रडार पर
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Indore Lokayukta Raid: बिजली विभाग के अधीक्षण यंत्री पर लोकायुक्त का कड़ा शिकंजा, घर में मिले सोना-चांदी समेत करोड़ों की संपत्ति, अब परिजनों की फर्में भी रडार पर
Publish Date - July 22, 2026 / 11:06 AM IST,
Updated On - July 22, 2026 / 11:10 AM IST
Indore Lokayukta Raid: बिजली विभाग के अधीक्षण यंत्री पर लोकायुक्त का कड़ा शिकंजा, घर में मिले सोना-चांदी समेत करोड़ों की संपत्ति, अब परिजनों की फर्में भी रडार पर/image: IBC24
HIGHLIGHTS
लोकायुक्त की शुरुआती जांच में अधिकारी के पास आय से 258% अधिक, करीब ₹7.16 करोड़ की संपत्ति मिलने का दावा
छापेमारी में सोना, चांदी, नकदी, करोड़ों की संपत्तियों के दस्तावेज और कई कंपनियों से जुड़े रिकॉर्ड मिले
सरकारी ठेकों, कारोबारी नेटवर्क और परिजनों के नाम पर संचालित फर्मों की भी गहन जांच जारी
इंदौर। Indore Lokayukta Raid:एमपी के इंदौर में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई में अब जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। शुरुआती जांच में आय से 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने के बाद अब करोड़ों के कारोबारी नेटवर्क, ट्रांसफार्मर फैक्ट्रियों और सरकारी ठेकों के कनेक्शन की भी गहन पड़ताल शुरू हो गई है। जांच में बेटे, दामाद और अन्य परिजनों के नाम पर संचालित फर्में भी जांच के घेरे में हैं।
9 ठिकानों पर एक साथ छापेमार कार्रवाई
लोकायुक्त पुलिस ने पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री (ट्रांसमिशन एंड फाइनेंस) शिवराम सेमिल के इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना स्थित 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमार कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शिवराम सेमिल ने अपनी वैध आय से 258 प्रतिशत अधिक, करीब 7.16 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की है, जबकि उनकी आय करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है।
4 किलो चांदी, 300 ग्राम सोना और लगभग 3 लाख नकद बरामद
Indore Lokayukta Raid कार्रवाई के दौरान इंदौर स्थित घर से करीब 4 किलो चांदी, 300 ग्राम सोना और लगभग 3 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए। इसके अलावा सिलिकॉन सिटी में करीब 1.20 करोड़ रुपये का तीन मंजिला मकान, ऑफिस स्पेस और अन्य अचल संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया कि पीथमपुर में बेटे शुभम के नाम पर शुभम इलेक्ट्रिकल ट्रांसफार्मर फैक्ट्री संचालित हो रही है। वहीं दामाद और अन्य परिजनों के नाम पर एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स, कर्निश पावरजोन समेत कई फर्मों का संचालन होने के दस्तावेज मिले हैं। कुछ औद्योगिक प्लॉट और निर्माणाधीन फैक्ट्रियों की भी जांच की जा रही है।
टेंडर, वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और कारोबारी नेटवर्क की जांच शुरू
लोकायुक्त (Indore Lokayukta Raid) अब यह पता लगा रही है कि इन कंपनियों को सरकारी प्रभाव के जरिए ठेके तो नहीं दिलाए गए। इसके लिए सरकारी टेंडर, वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और कारोबारी नेटवर्क की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों और संबंधित कंपनियों की भूमिका की भी गहन पड़ताल की जा रही है। फिलहाल लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
जांच में कितनी अधिक संपत्ति मिलने की बात सामने आई है?
प्रारंभिक जांच में उनकी वैध आय से 258% अधिक, लगभग 7.16 करोड़ रुपये की संपत्ति मिलने की बात सामने आई है।
छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?
करीब 4 किलो चांदी, 300 ग्राम सोना, लगभग ₹3 लाख नकद, संपत्ति के दस्तावेज और कई कारोबारी फर्मों से जुड़े रिकॉर्ड मिले हैं।
लोकायुक्त अब किस पहलू की जांच कर रही है?
जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि संबंधित कंपनियों को सरकारी प्रभाव के जरिए ठेके तो नहीं दिलाए गए। इसके लिए टेंडर, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।
किस कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है?
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच जारी है।