संयुक्त राष्ट्र, 27 अगस्त (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा में युद्धविराम योजना के प्रभारी अधिकारी ने बुधवार को युद्ध से तबाह फलस्तीन के गाजा पट्टी में इजराइल के हमलों की आलोचना की और चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी प्रस्ताव को स्वीकार कर लागू नहीं किया गया, तो इसका विकल्प एक और युद्ध होगा।
‘बोर्ड ऑफ पीस’ के उच्च प्रतिनिधि निकोलय म्लादेनोव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा कि ट्रंप की 20 सूत्री योजना अटकी नहीं है, बल्कि ‘‘बातचीत की मेज से आगे बढ़कर योजना को अमल में लाने की तैयारी के चरण में पहुंच गई है।’’
उन्होंने कहा कि चरमपंथी संगठन हमास प्रस्ताव के प्रमुख प्रावधानों के तहत हथियार छोड़ने और गाजा का नियंत्रण नागरिक प्रशासन को सौंपने पर सहमत हो गया है। लेकिन पिछले अक्टूबर के युद्धविराम के बाद से इजराइल के लगातार हमलों में अब भी फलस्तीनियों की मौत हो रही है, हालांकि पहले की तुलना में संख्या काफी कम है। उन्होंने कहा कि गाजा के लोग यह महसूस नहीं कर पा रहे हैं कि संघर्ष समाप्त होने वाला है।
हमास को हथियार छोड़ने के लिए मनाने संबंधी हाल में हुए अमेरिकी समझौते को युद्ध समाप्त करने की दिशा में संभावित बड़ी सफलता के रूप में देखा गया था। यह युद्ध सात अक्टूबर 2023 को दक्षिणी इजराइल में हमास के घातक हमलों के बाद शुरू हुआ था। लेकिन इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि जब तक हमास अपने सभी हथियार नहीं सौंप देता, तब तक उनकी सेना गाजा में मौजूदा मोर्चों से पीछे नहीं हटेगी।
म्लादेनोव ने कहा कि पिछले सप्ताह उन्होंने नेतन्याहू और ट्रंप के दामाद एवं सलाहकार जारेड कुशनर के साथ एक बैठक में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा, ‘‘हमने उनकी सरकार की चिंताओं पर एक-एक करके चर्चा की और उन मुद्दों पर बातचीत की, जिन पर अभी तकनीकी स्तर पर काम करने की जरूरत है।’
इजराइल की संयुक्त राष्ट्र में उप राजदूत नोआ फुरमैन ने सुरक्षा परिषद में अपने देश की ट्रंप की योजना के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक हमास हथियारबंद है, तब तक यह योजना सफल नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि इजराइल हमास को निरस्त्र करने के लिए अमेरिका के साथ करीबी सहयोग कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा कि ट्रंप की योजना को लेकर उठाई गई चिंताओं का समाधान किया जा रहा है और हमास के निरस्त्रीकरण का आकलन उसके कार्यों के आधार पर किया जाएगा।
म्लादेनोव ने मतभेदों को दूर करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत पर जोर दिया।
एपी गोला मनीषा
मनीषा