लंदन, छह जुलाई (भाषा) प्रथम विश्व युद्ध में मारे गए सैनिकों के आधिकारिक अभिलेखों से अब तक गायब रहे 9,909 भारतीय सैनिकों के नाम सोमवार को ब्रिटेन के आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल किए गए। यह कदम दुर्लभ ऐतिहासिक दस्तावेजों पर आधारित एक बड़ी शोध परियोजना के बाद उठाया गया।
कॉमनवेल्थ वॉर ग्रेव्स कमीशन (सीडब्ल्यूजीसी) ने कहा कि ऐतिहासिक चूक के कारण विभाजन-पूर्व भारत के ये सैनिक, जिन्होंने औपनिवेशिक काल में ब्रिटिश सेना के हिस्से के रूप में प्रथम विश्व युद्ध में हिस्सा लिया था, कभी औपचारिक रूप से याद नहीं किए गए।
पंजाब रजिस्टर परियोजना के तहत अब इन भूले-बिसरे सैनिकों को आधिकारिक मान्यता दी गई है। यह परियोजना सीडब्ल्यूजीसी, यूके पंजाब हेरिटेज एसोसिएशन और ग्रीनविच विश्वविद्यालय की पांच वर्षीय साझेदारी का परिणाम है।
सीडब्ल्यूजीसी की महानिदेशक क्लेयर हॉर्टन ने कहा, ‘‘प्रथम विश्व युद्ध समाप्त हुए एक सदी से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन हमारा मिशन अब भी जारी है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्र की सेवा में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को वह सम्मान मिले, जिसका वह हकदार है।’’
भाषा राखी पारुल
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