ब्रिटेन ने रासायनिक हथियारों के विकास से जुड़े नौ रूसी व्यक्तियों और संस्थाओं पर लगाए प्रतिबंध

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ब्रिटेन ने रासायनिक हथियारों के विकास से जुड़े नौ रूसी व्यक्तियों और संस्थाओं पर लगाए प्रतिबंध

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  • Publish Date - July 6, 2026 / 08:05 PM IST,
    Updated On - July 6, 2026 / 08:05 PM IST

लंदन, छह जुलाई (एपी) ब्रिटेन ने रूस के नौ व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। ब्रिटेन का आरोप है कि ये लोग और संस्थाएं विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की हत्या तथा इंग्लैंड में पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रिपाल पर हमले में इस्तेमाल किए गए रासायनिक हथियारों के विकास से जुड़े थे।

ये प्रतिबंध ऐसे समय लगाए गए हैं जब ब्रिटेन ने आर्कटिक क्षेत्र में अपनी नौसेना (रॉयल नेवी) के पोतों के प्रति रूस के ‘असुरक्षित’ रवैये की भी आलोचना की है।

ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने सात व्यक्तियों और दो वैज्ञानिक संस्थानों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।

मंत्रालय के अनुसार, ये लोग और संस्थान वर्ष 2024 में आर्कटिक स्थित एक कॉलोनी में नवलनी को कथित रूप से जहर देने के लिए इस्तेमाल किए गए ‘एपिबैटिडीन’ विष तथा वर्ष 2018 में इंग्लैंड के सैलिसबरी शहर में पूर्व रूसी खुफिया अधिकारी सर्गेई स्क्रिपाल पर हमले में इस्तेमाल किए गए ‘नोविचोक’ तंत्रिका एजेंट के विकास में शामिल थे।

इस हमले में स्क्रिपाल और उनकी बेटी गंभीर रूप से बीमार हो गए थे, जबकि स्थानीय निवासी डॉन स्टर्जेस की मौत हो गई थी।

ब्रिटेन ने रूस के सरकारी वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थान ‘एससी सिग्नल’ और ‘राज्य वैज्ञानिक अनुसंधान एवं सैन्य चिकित्सा परीक्षण संस्थान (जीएनआईआईआई वीएम)’ सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और वैज्ञानिकों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं।

ब्रिटेन की विदेश मंत्री इवेट कूपर ने कहा, ‘‘रूस द्वारा बार-बार रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन है और वैश्विक सुरक्षा के लिए सीधा खतरा भी है।’’

इस बीच, सोमवार को ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने उन तस्वीरों को जारी किया, जिनमें ब्रिटेन के एफ-35 लड़ाकू विमान नॉर्वेजियन सागर में एक रूसी ‘बेयर-एफ’ समुद्री गश्ती विमान को रोकते हुए दिखाई दे रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, यह विमान ब्रिटेन के विमानवाहक पोत समूह के निकट पहुंच गया था।

ब्रिटिश विमानवाहक पोत एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स और अन्य ब्रिटिश पोत नाटो अभियान के तहत आर्कटिक क्षेत्र में तैनात हैं।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि बृहस्पतिवार को रूसी ‘बेयर-एफ’ विमान ने कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स के अत्यधिक निकट से गुजरने के साथ ही विमानवाहक पोत के आसपास बड़ी संख्या में ‘सोनोबॉय’ भी गिराए।

‘सोनोबॉय’ ऐसे उपकरण होते हैं, जो पानी की सतह पर तैरते हैं और सोनार तकनीक की मदद से पनडुब्बियों तथा अन्य नौसैनिक पोतों का पता लगाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘यह गतिविधि असुरक्षित और गैर-पेशेवर थी। इसके बाद एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स से उड़ान भरने वाले ब्रिटेन के दो एफ-35 लड़ाकू विमानों ने रूसी विमान को रोका और क्षेत्र से बाहर जाने तक उसकी निगरानी करते हुए उसे सुरक्षा दी गयी।’’

एपी रवि कांत रवि कांत माधव

माधव