रिहा की गई तीन महिला बंधक इजराइल पहुंचीं

रिहा की गई तीन महिला बंधक इजराइल पहुंचीं

रिहा की गई तीन महिला बंधक इजराइल पहुंचीं
Modified Date: January 20, 2025 / 08:18 am IST
Published Date: January 20, 2025 12:52 am IST

दीर अल बलाह (गाजा पट्टी), 19 जनवरी (एपी) गाजा से रिहा की गई पहली तीन महिला बंधक इजराइल पहुंच गई हैं। इजराइल की सेना ने रविवार को यह घोषणा की।

इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम के कुछ घंटों बाद इन बंधकों को रिहा किया। बंधकों की माताएं उनसे मिलने का इंतजार कर रही थीं।

वीडियो फुटेज में रिहा की गई महिला बंधकों को ले जाते हुए देखा गया। उनके चारों तरफ बड़ी भीड़ थी, जिनमें से कई लोगों ने अपने फोन पकड़ रखे थे और वीडियो बना रहे थे।

वाहनों के साथ हथियारबंद लोग थे, जिन्होंने हरे रंग की हमास की हेडबैंड पहन रखी थी और वे हजारों की संख्या में पहुंची अनियंत्रित भीड़ से कारों की रक्षा करने के लिए मशक्कत कर रहे थे।

तीनों के अभी सामने आने की संभावना नहीं है क्योंकि उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया जाएगा।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने रिहा किए गए बंधकों के बारे में कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि उन लोगों का स्वास्थ्य ठीक है।’’

इस बीच, तेल अवीव में बड़ी स्क्रीन पर समाचार देखने के लिए एकत्र हुए हजारों लोग खुशी से झूम उठे। महीनों से कई लोग युद्ध विराम समझौते की मांग को लेकर शहर के मुख्य चौराहे पर इकट्ठा होते थे। महिलाओं के रिश्तेदार नाच रहे थे, तालियां बजा रहे थे और रो रहे थे।

बंधकों के बारे में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, ‘‘पूरा देश आपको गले लगाता है।’’

रोमी गोनेन (24 वर्ष), एमिली दामरी (28 वर्ष), डोरोन स्टीनब्रेचर (31 वर्ष) को रिहा किया गया। इन तीनों को सात अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजराइल में नोवा संगीत समारोह से अगवा किया गया था।

आगामी कई हफ्तों में बाकी बंधकों की क्रमिक रिहाई पर सहमति बनी है। युद्धविराम और बंधकों की रिहाई को लेकर इजराइलियों में उम्मीद के साथ बेचैनी भी है। कई लोगों को डर है कि तीन चरण वाला समझौता सभी बंधकों के लौटने से पहले ही टूट सकता है। कुछ को चिंता है कि मरने वाले बंधकों की संख्या अनुमान से कहीं अधिक है।

अब 90 फलस्तीनी कैदियों की रिहाई होने वाली है।

युद्ध विराम के 42 दिवसीय पहले चरण में गाजा से 33 बंधकों को वापस लाया जाएगा और सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों और बंदियों को रिहा किया जाएगा। कई विस्थापित फलस्तीनी भी अपने घर वापस लौट सकेंगे।

पिछले हफ्ते अमेरिका, कतर और मिस्र की मध्यस्थता के बाद युद्ध विराम समझौते की घोषणा की गई थी। अमेरिका के बाइडन प्रशासन और नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, दोनों ने सोमवार को अमेरिका में राष्ट्रपति पद के शपथ ग्रहण से पहले समझौते पर पहुंचने के लिए दबाव बनाया था।

एपी आशीष अमित

अमित


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।