ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले अमेरिका व चीन के शीर्ष वार्ताकार अंतिम तैयारी बैठक करेंगे

ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले अमेरिका व चीन के शीर्ष वार्ताकार अंतिम तैयारी बैठक करेंगे

ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले अमेरिका व चीन के शीर्ष वार्ताकार अंतिम तैयारी बैठक करेंगे
Modified Date: September 19, 2026 / 05:26 pm IST
Published Date: September 19, 2026 5:26 pm IST

(के जे एम वर्मा)

बीजिंग, 19 सितंबर (भाषा) चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की अमेरिका यात्रा और उनके अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप के साथ होने वाली शिखर बैठक से पहले, दोनों देशों के शीर्ष वार्ताकार शनिवार से वाशिंगटन में अंतिम तैयारी-संबंधी बातचीत करेंगे, जिसमें शुल्क का मुद्दा भी शामिल होगा। यहां वाणिज्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी।

मंत्रालय ने बताया कि चीन के उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग 19 से 23 सितंबर तक वाशिंगटन जाने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। वहां दोनों पक्ष शी और ट्रंप के बीच बनी सहमति के आधार पर आपसी हित के आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

ये बातचीत अगले हफ्ते शी के वाशिंगटन दौरे से पहले हो रही है। हालांकि बीजिंग ने अभी तक इस दौरे की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन अमेरिकी मीडिया की खबरों में कहा गया है कि शी के 23 सितंबर को पहुंचने और अगले दिन ट्रंप से मिलने की उम्मीद है।

हांगकांग के ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की पिछली खबर के अनुसार, ट्रंप की योजना है कि जब चीनी राष्ट्रपति ‘जॉइंट बेस एंड्रयूज’ पहुंचेंगे, तो वे खुद वहां जाकर उनका स्वागत करेंगे।

दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात मई में बीजिंग में ट्रंप की यात्रा के दौरान हुई थी, जब उन्होंने दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच संबंध बेहतर बनाने के मकसद से बातचीत की थी।

उप-प्रधानमंत्री हे, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के साथ शुल्क और कृत्रिम बुद्धिमत्ता समेत कई मुद्दों पर बातचीत करने वाले हैं।

बेसेंट ने बातचीत की पुष्टि करते हुए कहा कि वह उपप्रधानमंत्री हे से मिलने और अपनी “बहुत अच्छी निजी बातचीत” को जारी रखने के लिए उत्सुक हैं।

चीन और भारत समेत जो देश रूस से तेल और गैस खरीद रहे हैं, उन पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने वाले नए प्रतिबंध विधेयक पर ट्रंप के हस्ताक्षर करने के तुरंत बाद ये बातचीत अहम हो गई है।

ट्रंप ने शुक्रवार को ‘लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम, 2026’ पर हस्ताक्षर कर इसे कानून बना दिया। यह कानून रूस और उसके ऊर्जा उत्पादों को खरीदने वाले देशों के खिलाफ और ज्यादा प्रतिबंध लगाने और शुल्क लागू करने की इजाजत देता है।

चीन ने रूसी तेल और गैस की उसकी खरीद पर शुल्क लगाने की अमेरिकी कोशिशों को खारिज कर दिया है। चीन का कहना है कि देशों के बीच सामान्य व्यापारिक सहयोग में किसी तीसरे पक्ष का दखल नहीं होना चाहिए।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से कहा, “चीन समानता और आपसी फायदे के आधार पर दूसरे देशों के साथ सामान्य आर्थिक और व्यापारिक सहयोग करता है।”

उन्होंने कहा, “इस तरह का सहयोग किसी तीसरे पक्ष को निशाना नहीं बनाता है और यह किसी भी बाहरी दखल या दबाव से मुक्त होना चाहिए। चीन अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर अधिकार जताने और एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध करता है, जिनका अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है और जिन्हें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी भी हासिल नहीं है।”

भाषा

प्रशांत पवनेश

पवनेश


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