ट्रंप ने एच-1बी वीजा पर एक लाख डॉलर का शुल्क एक साल के लिए बढ़ाया

ट्रंप ने एच-1बी वीजा पर एक लाख डॉलर का शुल्क एक साल के लिए बढ़ाया

ट्रंप ने एच-1बी वीजा पर एक लाख डॉलर का शुल्क एक साल के लिए बढ़ाया
Modified Date: September 19, 2026 / 09:52 am IST
Published Date: September 19, 2026 9:52 am IST

वाशिंगटन, 19 सितंबर (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा के जरिये विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका लाने वाले नियोक्ताओं पर लगाए गए एक लाख अमेरिकी डॉलर के शुल्क को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने यह जानकारी दी।

ट्रंप ने शुक्रवार को जारी राष्ट्रपति की घोषणा में कहा कि 2025 में एक लाख अमेरिकी डॉलर का शुल्क लगाने के फैसले के बाद बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों द्वारा एच-1बी वीजा के लिए पंजीकरण में 92 प्रतिशत की कमी आई है।

ट्रंप ने कहा, ‘‘2025 की घोषणा की अवधि बढ़ाने से अमेरिका के आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा जारी रहेगी, अमेरिकी कर्मचारियों और स्नातकों के लिए श्रम बाजार तक पहुंच बेहतर होगी तथा यह सुनिश्चित होगा कि नियोक्ता कार्यक्रम के मूल उद्देश्य के अनुरूप जरूरत पड़ने पर केवल अत्यधिक कुशल और जरूरी विदेशी कर्मचारियों की ही भर्ती करें।’’

अमेरिका के एच-1बी वीजा कार्यक्रम का लाभ पाने वालों में भारतीय सबसे बड़ा समूह हैं।

2025 में एक लाख अमेरिकी डॉलर का शुल्क लगाने के फैसले को अदालत में चुनौती दी गई है और यह मामला दो अलग-अलग संघीय अदालतों में विचाराधीन है।

शुल्क बढ़ाने संबंधी 2025 के इस आदेश की अवधि इस महीने समाप्त होने वाली थी। यह आदेश उन विदेशी नागरिकों को दिए गए वीजा पर लागू नहीं है जो पहले से छात्र वीजा पर अमेरिका में रह रहे हैं और नए एच-1बी वीजा पाने वालों में जिनकी बड़ी हिस्सेदारी है। यह मौजूदा वीजा के नवीनीकरण पर भी लागू नहीं था।

राष्ट्रपति ने एक अलग घोषणा भी जारी की है, जिसमें विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के जरिये एच-1बी वीजा आवेदनों की जांच और कड़ी करने का प्रावधान है।

आदेश में विदेश मंत्री, श्रम मंत्री और गृह सुरक्षा मंत्री को निर्देश दिया गया है कि एच-1बी वीजा आवेदनों पर विचार करते समय वे यह भी देखें कि क्या आवेदनकर्ता नियोक्ता ने समान पदों पर कार्यरत अमेरिकी कर्मचारियों की हाल में छंटनी की है या वह ऐसा करने की योजना बना रहा है।

ट्रंप ने कार्यकारी आदेश में कहा कि एच-1बी गैर प्रवासी वीजा कार्यक्रम की शुरुआत अत्यधिक विशिष्ट कौशल वाले विदेशी अस्थायी कर्मचारियों की पहचान करने और अमेरिकी अर्थव्यवस्था की जरूरतों को रणनीतिक रूप से पूरा करने के लिए की गई थी।

ट्रंप ने कहा, ‘‘इसके बजाय कुछ नियोक्ताओं, तीसरे पक्ष के जरिये कर्मचारियों की नियुक्ति करने वाले समूहों और आउटसोर्सिंग कंपनियों ने अमेरिकी कुशल श्रमिकों को कम वेतन देने और उन्हें नौकरियों से निकालने के लिए इस कार्यक्रम का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया है।’’

भाषा

सिम्मी रंजन

रंजन


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