मेटा के खिलाफ सुनवाई शुरू: बच्चों की कमजोरियों का फायदा उठाकर उन्हें अपने मंचों का आदी बनाने का आरोप

मेटा के खिलाफ सुनवाई शुरू: बच्चों की कमजोरियों का फायदा उठाकर उन्हें अपने मंचों का आदी बनाने का आरोप

मेटा के खिलाफ सुनवाई शुरू: बच्चों की कमजोरियों का फायदा उठाकर उन्हें अपने मंचों का आदी बनाने का आरोप
Modified Date: August 19, 2026 / 12:25 pm IST
Published Date: August 19, 2026 12:25 pm IST

ओकलैंड, 19 अगस्त (एपी) इंस्टाग्राम और फेसबुक की मूल कंपनी मेटा के खिलाफ, बच्चों को उसके मंचों से होने वाले संभावित नुकसान के मामले में मंगलवार को अमेरिका की एक संघीय अदालत में सुनवाई शुरू हुई।

चार अमेरिकी राज्यों ने कंपनी से अरबों डॉलर के हर्जाने और उसके मंचों के संचालन में बुनियादी बदलाव करने की मांग की है।

कैलिफोर्निया की एक संघीय अदालत में शुरू हुए इस महत्वपूर्ण मुकदमे में जूरी यह तय करेगी कि क्या राज्यों के अटॉर्नी जनरल यह साबित कर पाए हैं कि मेटा ने अपने ऐप इस तरह डिजाइन किए कि वे उपयोगकर्ताओं को “आदी बनाएं, उन्हें ज्यादा से ज्यादा समय तक रोके रखें, उनका डेटा एकत्र करें और सच्चाई को जनता से छिपाएं।”

कैलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटकी और न्यू जर्सी उन 29 राज्यों में शामिल हैं, जिन्होंने 2023 में बच्चों की सुरक्षा और निजता के मुद्दे पर मेटा के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। बाकी 25 राज्यों के मामलों की सुनवाई बाद में होगी। कंपनी को राज्य की अदालतों में भी मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें टेनेसी में एक मुकदमा जारी है।

मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि मेटा ने बच्चों को अपने मंचों का आदी बनाने वाली सुविधाओं को जानबूझकर डिजाइन करके युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य संकट को बढ़ाने में योगदान दिया और इससे होने वाले नुकसान को जनता से छिपाया। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि मेटा 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का उनके माता-पिता की सहमति के बिना नियमित रूप से डेटा एकत्र करती है, जो संघीय कानून का उल्लंघन है।

मेटा ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था का बचाव किया है और कहा है कि उसका पक्ष मजबूत है।

कैलिफोर्निया के न्याय विभाग की उप अटॉर्नी जनरल मेगन ओ’नील ने ओकलैंड की संघीय अदालत में आठ सदस्यीय जूरी के समक्ष शुरुआती दलील में राज्यों का पक्ष रखा।

ओ’नील ने आरोप लगाया कि मेटा को यह पता था कि 13 साल से कम उम्र के बच्चे उसके मंचों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि उनके लिए इन मंचों का इस्तेमाल प्रतिबंधित था, लेकिन कंपनी ने उन्हें रोकने के लिए “सबसे आसान और स्पष्ट कदम” भी नहीं उठाए।

राज्यों ने अपने पहले गवाह के रूप में मेटा के पूर्व कार्यकारी आर्टुरो बेहार को पेश किया। उन्होंने 2009 से 2015 तक फेसबुक में इंजीनियरिंग निदेशक के रूप में काम किया था और साइबर बुलिंग से निपटने के अपने प्रयासों के लिए काफी चर्चित रहे थे। वह 2019 से 2021 के बीच सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर काम करने के लिए बतौर ठेकेदार फिर कंपनी से जुड़े थे।

बेहार ने कहा कि मेटा के दावों के विपरीत, सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर कंपनी के शोध का इस्तेमाल उसके उत्पादों में सुधार के लिए नहीं किया जाता था।

मेटा के वकील पॉल श्मिट ने अपनी शुरुआती दलील में कहा कि मुकदमे में कुछ बातें विवादित नहीं हैं मसलन, 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को उसके ऐप का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, लेकिन कुछ बच्चे अपनी उम्र के बारे में झूठ बोलते हैं; कुछ किशोर अपने समय का प्रबंधन करने में संघर्ष करते हैं और कुछ लोग फेसबुक तथा इंस्टाग्राम पर “नकारात्मक सामग्री” पोस्ट करते हैं।

उन्होंने कहा कि उनका जोर मेटा द्वारा अपने मंचों को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और जनता के साथ साझा की गई जानकारी पर होगा।

श्मिट ने कहा कि मुकदमे का बड़ा हिस्सा इस बात पर आधारित है कि सरकारी वकील और उनके गवाह कहते हैं कि सुधार के लिए कंपनी को कुछ अलग तरीके से काम करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मेटा अपने मंचों में सुधार के लिए किए गए प्रयासों को महत्वपूर्ण मानती है और अदालत में पेश किए जाने वाले सबूत भी इन प्रयासों को दर्शाएंगे।

ओकलैंड में अमेरिकी जिला न्यायाधीश यवोन गोंजालेज रोजर्स इस मामले की सुनवाई कर रही हैं। सुनवाई करीब छह सप्ताह तक चलने की उम्मीद है और इसमें मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग समेत कंपनी के अन्य अधिकारियों और पूर्व कर्मचारियों की गवाही होगी।

एपी मनीषा शोभना

शोभना


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