वाशिंगटन, पांच अगस्त (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने सेना में सक्रिय रूप से कार्यरत कई जवानों के माता-पिता और जीवनसाथियों को हिरासत में लिया है।
अमेरिकी प्रशासन ने अवैध प्रवासियों को देश से बाहर भेजने के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए सैन्य परिवारों को मिली आव्रजन संबंधी सुरक्षा वापस लेते हुए यह कार्रवाई की है।
ट्रंप के दूसरे शासनकाल में उनके पद संभालने के बाद से, ड्यूटी पर तैनात सैनिकों के 50 से ज़्यादा माता-पिता और जीवनसाथियों को हिरासत में लिया गया है तथा कम से कम छह लोगों को देश से निकाला गया है।
‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) अपनी पड़ताल में इस निष्कर्ष पर पहुंची है।
अमेरिकी सैन्यकर्मियों के कम से कम आठ करीबी परिजन संघीय आव्रजन हिरासत में हैं।
दशकों से द्विदलीय सहमति के तहत सैन्यकर्मियों के माता-पिता और जीवनसाथियों को आमतौर पर निर्वासन से सुरक्षा प्रदान की जाती रही है।
हालांकि ‘एपी’ ने पाया कि नियमित रूप से अब उन्हें महीनों तक हिरासत में रखा जा रहा है, जबकि वे सैन्यकर्मियों के करीबी रिश्तेदारों के लिए उपलब्ध नीतियों के तहत अपनी कानूनी स्थिति सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।
यह स्थिति तब है जब सेना अब भी नए सैनिकों की भर्ती के लिए उनके परिवारों को मिलने वाले आव्रजन लाभों का प्रचार कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से सेना की तैयारी कमज़ोर हो सकती है, खासकर तब जब अमेरिका ईरान के साथ युद्ध की स्थिति में है। इससे सेना के जवानों को भावनात्मक सहारा और बच्चों की देखभाल करने वाले नहीं मिल पा रहे हैं, तैनाती में देरी हो रही है और कुछ लोगों को छुट्टी लेनी पड़ रही है।
सेना के सार्जेंट हेडर लियोनेल टर्सियोस जुआरेज़ ने कहा, ‘‘मैं अपने सैन्य करियर पर कैसे ध्यान दे सकता हूं, जब मुझे इस बात की चिंता रहती है कि मेरी पत्नी कैसी है?’’
जुलाई में टर्सियोज की पत्नी को टेक्सास के फोर्ट ब्लिस में उनकी छह साल की बेटी के सामने वॉलमार्ट के बाहर हिरासत में लिया गया था। तब वह वहीं तैनात थे।
सेना के जवानों के जीवनसाथियों को हिरासत में लिए जाने की कुछ घटनाओं के कारण लोगों में नाराज़गी पैदा हुई और उनकी रिहाई सुनिश्चित करने के लिए गृह मंत्री मार्कवेन मुलिन को दखल देना पड़ा।
गृह विभाग ने कहा है कि वह इन मामलों का डेटा इकट्ठा नहीं करता है।
‘एपी’ ने यह जानकारी ‘इमिग्रेशन जस्टिस ट्रांसपेरेंसी इनिशिएटिव’ की ‘हेबियस डॉकेट्स’ नामक परियोजना के तहत जुटाए गए हज़ारों संघीय अदालत रिकॉर्ड का विश्लेषण करके; मौजूदा मीडिया कवरेज की समीक्षा करके; और परिवार के सदस्यों एवं वकीलों से जानकारी की पुष्टि करके हासिल की। एपी को जो 51 मामले मिले हैं, असल संख्या उनसे कहीं ज़्यादा होने की संभावना है।
पेंटागन (अमेरिका का रक्षा प्रतिष्ठान) ने एपी के आंकड़े पर कुछ भी कहने से इनकार किया है।
अप्रैल 2025 में एक नयी नीति लागू हुई थी जिसमें कहा गया था कि ‘‘सिर्फ सैन्य सेवा करने से ही विदेशी नागरिकों को अमेरिकी आव्रजन कानूनों के उल्लंघन के नतीजों से छूट नहीं मिलती है।’’
सैन्य आव्रजन कानून के जानकारों का कहना है कि यह ट्रंप के पहले कार्यकाल समेत सभी राजनीतिक दलों की पिछली सरकारों के रुख से इतर एक बड़ा बदलाव है।
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राजकुमार नेत्रपाल
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