वाशिंगटन, छह मई (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोप लियो 14वें की आलोचना एक बार फिर तेज कर दी है, जिससे विदेश मंत्री मार्को रुबियो की प्रस्तावित वेटिकन यात्रा से पहले ही तनाव और गहरा हो गया है।
रुबियो इसी सप्ताह वेटिकन की यात्रा पर जाने वाले हैं जिसका उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच संबंधों को मधुर बनाना है।
रूढ़िवादी टिप्पणीकार ह्यू हेविट को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने अमेरिकी मूल के पहले पोप पर आरोप लगाया कि वह ईरान की मदद कर रहे हैं और अपनी टिप्पणियों से दुनिया को अधिक असुरक्षित बना रहे हैं।
ट्रंप ने कहा, ‘‘पोप यह कहना ज्यादा उचित समझते हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना ठीक है। मुझे नहीं लगता कि यह अच्छी बात है। मेरे विचार में वह कई कैथोलिक और अन्य लोगों को खतरे में डाल रहे हैं।’’
हालांकि, पोप ने कभी यह नहीं कहा कि ईरान को परमाणु हथियार मिलने चाहिए। उन्होंने केवल शांति वार्ता की अपील की है और ईरान के खिलाफ युद्ध तथा आम नागरिकों पर बड़े हमलों की ट्रंप की धमकियों की आलोचना की है।
पोप ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह किसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की तरह नहीं, बल्कि बाइबिल और चर्च की शिक्षाओं के आधार पर बोल रहे हैं।
ट्रंप की ताजा आलोचना के जवाब में पोप लियो ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि कैथोलिक चर्च ‘‘वर्षों से सभी तरह के परमाणु हथियारों के खिलाफ बोलता आया है, इसमें कोई संदेह नहीं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘चर्च का मिशन शांति का प्रचार करना है। यदि कोई इसके लिए मेरी आलोचना करना चाहता है, तो वह सच बोलकर करे।’’
रुबियो ने ट्रंप की आलोचना को ईरान के परमाणु हथियार हासिल करने के विरोध से जोड़कर देखा। रुबियो स्वयं एक कैथोलिक हैं।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के निवास ‘व्हाइट हाउस’ में पत्रकारों से कहा कि पूरी दुनिया को ईरान के परमाणु हथियार संपन्न होने का विरोध करना चाहिए।
ट्रंप की ताजा टिप्पणियां रुबियो की बृहस्पतिवार को पोप से होने वाली मुलाकात को और पेचीदा बना सकती हैं। रुबियो पोप से मुलाकात के बाद शुक्रवार को इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और विदेश मंत्री एंतोनियो ताजानी से भी मिलेंगे। पिछले एक वर्ष में यह इटली या वेटिकन की उनकी कम से कम तीसरी यात्रा होगी।
एपी खारी वैभव
वैभव