ट्रंप ने वैश्विक शुल्क 15 प्रतिशत करने की घोषणा की
ट्रंप ने वैश्विक शुल्क 15 प्रतिशत करने की घोषणा की
वाशिंगटन/नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि वह सभी देशों पर 15 प्रतिशत का वैश्विक शुल्क लगाएंगे। उन्होंने एक दिन पहले 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने अभी तक इस संदेश का जवाब नहीं दिया है जिसमें पूछा गया था कि राष्ट्रपति नयी घोषणा पर कब हस्ताक्षर करेंगे और शुल्क को 15 प्रतिशत करेंगे।
ट्रंप की ओर से पहले लगाए गए भारी भरकम शुल्क को अमेरिकी उच्चतम न्यायालय द्वारा रद्द किए जाने के बाद शुक्रवार को राष्ट्रपति ने भारत समेत सभी देशों पर 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए प्रभावी 10 प्रतिशत शुल्क लगाने का ऐलान किया था।
अमेरिका के 10 प्रतिशत शुल्क पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत सरकार ने शनिवार को कहा कि वह इन शुल्कों और उनके प्रभावों का अध्ययन कर रही है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि वह यह घोषणा ‘‘अमेरिका के उच्चतम न्यायालय द्वारा शुल्क को लेकर कल जारी किये गये हास्यास्पद, खराब ढंग से लिखे गए और असाधारण रूप से अमेरिका विरोधी फैसले की पूरी, विस्तृत और संपूर्ण समीक्षा के आधार पर कर रहे हैं।’’
अस्थायी शुल्क को ट्रंप 15 प्रतिशत करना चाहते हैं। राष्ट्रपति ने शुक्रवार को कहा कि इसके अलावा वह अन्य संघीय कानूनों के तहत भी शुल्क लगाने की प्रक्रिया में हैं, जिसके लिए वाणिज्य विभाग द्वारा समीक्षा जरूरी है।
उन्होंने कहा, “आने वाले कुछ महीनों में ट्रंप प्रशासन नए और कानूनी रूप से स्वीकार्य शुल्क निर्धारित करेगा और लागू करेगा, जो ‘अमेरिका को पुनः महान बनाने’ की हमारी सफल प्रक्रिया को जारी रखेंगे।”
नयी दिल्ली में वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि सरकार अमेरिका में शुल्क से जुड़े ताजा घटनाक्रम और उनके संभावित प्रभावों का अध्ययन कर रही है।
मंत्रालय ने बयान में कहा, “शुक्रवार को सीमा शुल्क के बारे में आए अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संबोधित संवाददाता सम्मेलन की जानकारी हमारे संज्ञान में है। अमेरिकी प्रशासन की ओर से कुछ कदमों की घोषणा की गई है। हम इन सभी घटनाक्रमों का उनके प्रभावों के संदर्भ में अध्ययन कर रहे हैं।”
अमेरिकी उच्चतम न्यायालय की एक पीठ ने शुक्रवार को छह-तीन के बहुमत से फैसला दिया कि ट्रंप का आपातकालीन शक्तियों के कानून (आईईईपीए, 1977) के तहत दूसरे देशों पर आयात शुल्क लगाने का कदम वैध नहीं था। इस कानून के तहत राष्ट्रपति के पास आयात पर कर लगाने का अधिकार नहीं था।
अमेरिकी सीमा शुल्क एजेंसी ने दिसंबर तक आईईईपीए के तहत जारी शुल्क आदेशों के तहत कुल 133 अरब डॉलर वसूल किए हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि इस राशि का रिफंड आयातकों को मिल सकता है, लेकिन आम लोगों को यह रिफंड मिलना मुश्किल है, क्योंकि कंपनियों ने बढ़े हुए शुल्क का बोझ कीमत वृद्धि के रूप में उपभोक्ताओं पर डाल दिया था।
भाषा खारी खारी वैभव
वैभव

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