तुर्किये में खतरे के कारण सीक्रेट सर्विस और सेना ने एयर फोर्स वन से हटाया था : ट्रंप

तुर्किये में खतरे के कारण सीक्रेट सर्विस और सेना ने एयर फोर्स वन से हटाया था : ट्रंप

तुर्किये में खतरे के कारण सीक्रेट सर्विस और सेना ने एयर फोर्स वन से हटाया था : ट्रंप
Modified Date: August 12, 2026 / 12:18 pm IST
Published Date: August 12, 2026 12:18 pm IST

वाशिंगटन, 12 अगस्त (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि पिछले महीने तुर्किये में एक यात्रा के बाद वह एयर फोर्स वन विमान से गुप्त तरीके से दूसरे विमान में चले गए थे, क्योंकि सीक्रेट सर्विस और सेना उन्हें ‘‘अलग विमान’’ से भेजना चाहती थी। उन्होंने कहा कि यह कदम एक खतरे के कारण उठाया गया था, लेकिन इससे वह डरे नहीं थे।

ट्रंप ने अपनी उड़ान से जुड़ी असाधारण गोपनीय कार्रवाई को तवज्जो न देते हुए कहा कि वह इस मामले को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं थे। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप को हवाईअड्डे के, खाद्य सामग्री ले जाने वाले एक वाहन में छिपाकर दूसरे विमान तक पहुंचाया गया, जबकि एयर फोर्स वन को आसमान में भेजा गया ताकि सबको लगे कि ट्रंप एयर फोर्स वन में हैं।

उन्होंने उस विमान पर मौजूद व्हाइट हाउस के अधिकारियों, सुरक्षा कर्मियों, सहयोगी कर्मचारियों और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भी खतरे की बात को अहमियत नहीं दी।

ओहायो में एक कार्यक्रम से लौटने के बाद पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, ‘‘वे चाहते थे कि मैं अलग उड़ान, अलग विमान से जाऊं।’’ उन्होंने कहा कि इस मामले में उनके पास ज्यादा विकल्प नहीं था।

ट्रंप ने कहा, ‘‘शायद वहां कोई खतरा था। मैंने इसके बारे में ज्यादा पूछताछ नहीं की। मुझे बहुत सारी धमकियां मिलती हैं।’’

उनकी यह टिप्पणी अमेरिकी अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट की उस खबर की पुष्टि करती है, जिसमें कहा गया था कि पिछले महीने नाटो शिखर सम्मेलन के बाद ईरान से मिली एक धमकी के कारण ट्रंप को दूसरे विमान से भेजा गया था। यह कार्रवाई कई दिन तक गोपनीय रखी गई थी।

ट्रंप ने विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वास्तव में जिस विमान से मैंने यात्रा की, वह ज्यादा खतरे में था। मैं किसी चीज की चिंता नहीं करता। मैं मानता हूं – जो होगा देखा जाएगा।’’

अमेरिकी राष्ट्रपतियों की सुरक्षा के लिए विदेश यात्राओं को पहले भी गुप्त रखा जाता रहा है, लेकिन इस तरह से नहीं। कई बार सुरक्षा कारणों से यात्रा कार्यक्रम और व्यवस्थाओं की जानकारी बाद में सार्वजनिक की जाती है।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप की मौजूदगी को उस समय और उसके बाद कई दिन तक छिपाए रखना अभूतपूर्व है।

तुर्किये से ट्रंप की उड़ान उस समय चर्चा में आई थी क्योंकि वह कतर की ओर से दिए गए एक आलीशान विमान से पहुंचे थे। इस विमान में राष्ट्रपति के पुराने विमानों जैसी कुछ मिसाइल पहचान और सुरक्षा प्रणालियां उपलब्ध नहीं थीं।

इसके बाद ट्रंप ने तुर्किये से ब्रिटेन तक एक छोटे सरकारी विमान से यात्रा की। फिर वह गुप्त रूप से पहले वाले विमान में वापस पहुंचे और बाद में कतर के विमान में लौट आए।

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति अक्सर सुरक्षा कारणों से जोखिम भरी यात्राएं करते रहे हैं। आमतौर पर ऐसी यात्राओं की जानकारी तब तक सार्वजनिक नहीं की जाती जब तक राष्ट्रपति सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंच जाते।

लेकिन इस मामले में अंतर यह था कि ट्रंप को उनके साथ यात्रा कर रहे लोगों से अलग कर दिया गया। इनमें स्वतंत्र रिपोर्टिंग के लिए मौजूद पत्रकार भी शामिल थे। खतरा समाप्त होने के बाद भी व्हाइट हाउस ने पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की।

एपी मनीषा वैभव

वैभव


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