Trump Tariff on Europe/Image Source: @DanishMFA
Trump Tariff on Europe: ट्रंप की टैरिफ धमकी के खिलाफ यूरोप एकजुट नजर आ रहा है। ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा डेनमार्क समेत आठ यूरोपीय देशों पर भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी के बाद अमेरिका और यूरोप के बीच अभूतपूर्व तनाव की स्थिति बन गई है।
Trump Tariff on Europe: यूरोपीय देशों ने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाते हुए संयुक्त बयान जारी किया है। बयान में साफ कहा गया है कि टैरिफ की धमकियां ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों को कमजोर करती हैं और इससे दोनों पक्षों के बीच खतरनाक गिरावट का जोखिम पैदा हो सकता है। यूरोपीय देशों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे एकजुट और समन्वित बने रहेंगे तथा अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इस संयुक्त बयान में डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं। सभी देशों ने ग्रीनलैंड और डेनमार्क की जनता के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए ट्रंप की धमकियों की कड़ी आलोचना की है।
Trump Tariff on Europe: इस बीच यूरोपीय संघ की प्रमुख रॉबर्टा मेत्सोला ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है और उसकी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। मेत्सोला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी टैरिफ धमकी इस सच्चाई को नहीं बदल सकती। उन्होंने इसे आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। विवाद बढ़ने के बीच यूरोपीय संघ ने जुलाई 2025 में घोषित ईयू–अमेरिका व्यापार समझौते की पुष्टि प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया है। वहीं, यूरोपीय संसद में अमेरिका के खिलाफ एंटी-कोएर्शन इंस्ट्रूमेंट (ACI) लागू करने की मांग तेज हो गई है, ताकि किसी भी आर्थिक दबाव का सख्ती से जवाब दिया जा सके।
Joint statement by Denmark, Finland, France, Germany, the Netherlands, Norway, Sweden, and the United Kingdom 👇 pic.twitter.com/Gxf3F1Dc3p
— Denmark MFA 🇩🇰 (@DanishMFA) January 18, 2026
Trump Tariff on Europe: ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और नीदरलैंड समेत कई यूरोपीय देशों ने ट्रंप के रुख को आक्रामक और अस्वीकार्य बताया है। मौजूदा हालात पर विचार के लिए ईयू के 27 सदस्य देशों के राजदूतों की आपात बैठक भी बुलाई गई है। कुल मिलाकर, ग्रीनलैंड और टैरिफ विवाद ने अमेरिका और यूरोप के रिश्तों में नई दरार पैदा कर दी है, जहां यूरोपीय देश अब खुलकर ट्रंप की नीतियों के खिलाफ एकजुट होते नजर आ रहे हैं।