बीजिंग, 15 मई (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुक्रवार को चीन की अपनी तीन दिवसीय यात्रा पूरी कर बीजिंग से रवाना हो गए। इस यात्रा के दौरान उन्होंने अपने चीनी समकक्ष शी चिनफिंग के साथ ईरान युद्ध और व्यापार सहित कई मुद्दों पर कई दौर की वार्ता की।
ट्रंप के रवाना होने से पहले दोनों नेताओं ने बीजिंग में कड़ी सुरक्षा वाले चीनी राष्ट्रपति के आवास ‘झोंगनानहाई’ में एक निजी बैठक की।
हालांकि ईरान, ताइवान और अन्य मुद्दों पर दोनों नेताओं के बीच गहरे मतभेद बने हुए हैं।
चीनी सरकारी मीडिया की खबर के अनुसार दोनों नेताओं ने बृहस्पतिवार को भी बातचीत की। इस दौरान शी चिनफिंग ने ट्रंप को चेतावनी दी कि ताइवान मुद्दे को गलत तरीके से दर्शाने से दोनों देशों के बीच ‘‘टकराव और यहां तक कि संघर्ष’’ भी शुरू हो सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ द्वारा जारी दोनों नेताओं की बैठक के ब्योरे के अनुसार, ट्रंप ने शी और उनकी पत्नी को 24 सितंबर को ‘व्हाइट हाउस’ में आमंत्रित किया और दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि ऊर्जा के मुक्त प्रवाह का समर्थन करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहना चाहिए।
शुक्रवार को दोनों नेताओं की अंतिम बैठक के दौरान शी चिनफिंग ने कहा कि ट्रंप की यात्रा एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित हुई तथा दोनों पक्षों ने ‘‘रणनीतिक स्थिरता’’ पर आधारित एक रचनात्मक संबंध बनाने की ‘‘नयी दृष्टि’’ स्थापित की है।
शी जिनपिंग ने कहा, ‘‘स्थिर आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को बनाए रखने, विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग का विस्तार करने और एक-दूसरे की चिंताओं को ठीक से संबोधित करने पर हम महत्वपूर्ण आम सहमति पर पहुंचे हैं।’’
शी के अनुसार, चीन और अमेरिका संचार और अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग को लेकर भी सहमत हुए।
चीनी नेता ने कहा कि यह यात्रा आपसी समझ बढ़ाने, पारस्परिक विश्वास को गहरा करने और दोनों देशों के लोगों के कल्याण में सुधार लाने के लिए लाभदायक है।
बताया जाता है कि ट्रंप ने निजी बैठक में कहा कि वह शी के साथ ईमानदार और गहन संवाद बनाए रखने के इच्छुक हैं। उन्होंने झोंगनानहाई निमंत्रण के लिए आभार भी जताया।
यह नौ वर्षों में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की चीन की पहली यात्रा है। ट्रंप स्वयं 2017 में चीन की यात्रा करने वाले आखिरी अमेरिकी राष्ट्रपति थे।
भाषा सुरभि नरेश
नरेश