Reported By: AMIT VARMA
,Bhojshala Case Update | Photo Credit: AI
धार: Bhojshala Case Update मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला पर हाई कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुना दिया है। (High Court Bhojshala Decision) अदालत ने भोजशाला को मंदिर माना है। कोर्ट ने हिंदू पक्ष को पूजा करने की इजाजत भी दे दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब हिंदू की बड़ी जीत मानी जा रही है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि हमने पाया है कि इस स्थल पर हिंदू पूजा-अर्चना की निरंतरता कभी समाप्त नहीं हुई है। हम यह भी दर्ज करते हैं कि ऐतिहासिक साहित्य यह स्थापित करता है कि विवादित क्षेत्र भोजशाला के रूप में परमार वंश के राजा भोज से संबंधित संस्कृत शिक्षा के केंद्र के रूप में जाना जाता था। आपको बता दें कि हाईकोर्ट ने 12 मई को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ आज इस प्रकरण में अंतिम निर्णय सुनाया है। (Court Decision on Bhojshala)
Dhar Bhojshala News अदालत ने मुस्लिम पक्ष के लिए कहा कि वो मस्जिद की जमीन के लिए आवेदन कर सकता है। हाई कोर्ट ने कहा कि एएसआई अधिनियम के वैधानिक प्रावधानों के साथ-साथ अयोध्या मामले में स्थापित मिसाल के आधार पर और पुरातात्विक साक्ष्यों की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए, न्यायालय एएसआई द्वारा किए गए (ASI Survey Bhojshala) ऐसे बहु-विषयक अध्ययनों के निष्कर्षों और भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत मौलिक अधिकारों पर सुरक्षित रूप से भरोसा कर सकता है।
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के सीनियर एडवोकेट मनीष दुक्का ने बताया कि कोर्ट ने फैसला सुनाया है। भोजशाला माँ सरस्वती का मंदिर है। कोर्ट ने सरकार को निर्बाध रूप से निरंतर पूजा चालू करवाने के निर्देश दिए। उम्मीद है कि आज से ही पूजा निरंतर रूप से शुरू की जाएगी। कोर्ट ने कहा- मुस्लिम पक्ष चाहे तो धार में मस्जिद बनाने की अलग ज़मीन की माँग कर सकते हैं। हालांकि वो ज़मीन भोजशाला परिसर की नहीं होगी। लंदन से माँ वाग्देवी की मूर्ति लाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए भी सरकार को निर्देश दिए हैं।
यह याचिका वर्ष 2022 में हिंदू पक्ष की ओर से हाईकोर्ट में दायर की गई थी। (Bhojshala Controversy) याचिका में भोजशाला परिसर से जुड़े धार्मिक अधिकारों और व्यवस्थाओं को लेकर कई मांगें उठाई गई थीं। करीब चार वर्षों तक चले इस कानूनी विवाद के बाद अब फैसला आ गया है। इस दौरान मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से लगातार कानूनी और सामाजिक गतिविधियां जारी रहीं। (Bhojshala Survey Case) उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद मामले की नियमित सुनवाई 6 अप्रैल से शुरू हुई थी। इसके बाद हाईकोर्ट में लगातार सुनवाई हुई और सभी पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
‘धार भोजशाला एक मंदिर है’ भोजशाला विवाद में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला… #Bhojshala | #KamalMaulaMasjid | #Dhar | #MPNews
— IBC24 News (@IBC24News) May 15, 2026