एक दशक पहले भारत, अमेरिका के लिए रणनीतिक साझेदारी की रूपरेखा तैयार की थी उजरा जेया ने: सांसद

एक दशक पहले भारत, अमेरिका के लिए रणनीतिक साझेदारी की रूपरेखा तैयार की थी उजरा जेया ने: सांसद

एक दशक पहले भारत, अमेरिका के लिए रणनीतिक साझेदारी की रूपरेखा तैयार की थी उजरा जेया ने: सांसद
Modified Date: November 29, 2022 / 07:53 pm IST
Published Date: April 20, 2021 9:47 am IST

(ललित के. झा)

वाशिंगटन, 20 अप्रैल (भाषा) जो बाइडन प्रशासन में अहम पद पर नामित हुईं भारतीय-अमेरिकी राजनयिक उजरा जेया ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की रूपरेखा को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है, जिसे पिछले दशक में द्विदलीय समर्थन मिला है। एक अमेरिकी सीनेटर ने यह बात कही।

सीनेटर टिम कायने ने असैन्य सुरक्षा, लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए अवर विदेश सचिव के पद पर पुष्टि की सुनवाई के दौरान जेया का परिचय देते हुए यह बात कही। जेया ने राजनयिक के रूप में अपने कॅरियर में नयी दिल्ली में भी सेवाएं दी हैं।

जेया ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए 2018 में विदेश सेवा छोड़ दी थी।

कायने ने पिछले सप्ताह जेया के नाम पर मुहर लगाने के लिए सुनवाई के दौरान सीनेट की विदेश संबंध समिति के सदस्यों से कहा, ‘‘भारत में उन्होंने करीब एक दशक पहले एक रणनीतिक साझेदारी की रूपरेखा तैयार की जिसे आज भी द्विदलीय समर्थन प्राप्त है। यह अमेरिका हिंद प्रशांत साझेदारी की बुनियाद के लिए आज भी स्रोत का काम कर रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जेया ने अफगानिस्तान में लैंगिक समानता का समर्थन करने और विदेशों में निष्पक्ष तथा स्वतंत्र चुनाव कराने में मदद के लिए नयी द्विपक्षीय पहल कीं।’’

कायने ने कहा कि जेया ने पांच राष्ट्रपतियों (तीन रिपब्लिकन और दो डेमोक्रेट) के शासन में सेवाएं दीं और चार महाद्वीपों में विदेश सेवा की अधिकारी के तौर पर 28 साल तक उत्कृष्ट योगदान दिया।

उन्होंने बताया कि वह मानवाधिकार, लोकतंत्र और श्रम की कार्यवाहक सहायक सचिव के रूप में काम कर रही थीं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने चीन, मिस्र तथा बहरीन के साथ संयुक्त राष्ट्र – अमेरिका मानवाधिकार वार्ता का नेतृत्व किया।

कायने ने कहा, ‘‘वह भारतीय अमेरिकी प्रवासियों की गौरवान्वित करने वाली बेटी हैं। वह अवर विदेश सचिव के रूप में सेवाएं देने वाली पहली एशियाई अमेरिकी महिला होंगी और मेरा मानना है कि वह इस पद पर काबिज होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।’’

जेया ने सांसदों को बताया कि उनके दादा भारत में स्वतंत्रता सेनानी थे।

भाषा वैभव दिलीप

दिलीप


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