ब्रिटेन ने प्रथम विश्व युद्ध की स्मारक सूची में 33,000 भारतीय सैनिकों के नाम जोड़े

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ब्रिटेन ने प्रथम विश्व युद्ध की स्मारक सूची में 33,000 भारतीय सैनिकों के नाम जोड़े

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  • Publish Date - April 24, 2026 / 09:48 PM IST,
    Updated On - April 24, 2026 / 09:48 PM IST

(अदिति खन्ना)

लंदन, 24 अप्रैल (भाषा) प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए 33,000 भारतीय सेना के सैनिकों का नाम इराक में स्थित एक स्मारक में अंततः डिजिटल रूप में अंकित कर दिए गए हैं। पहले स्मारक में इन भारतीय सैनिकों के नाम दर्ज नहीं थे।

इराक, जिसे तब मेसोपोटामिया कहा जाता था, 20वीं शताब्दी के आरंभ में यूरोप के बाहर ब्रिटिश साम्राज्य के सबसे बड़े अभियानों का केंद्र रहा था।

राष्ट्रमंडल युद्ध कब्र आयोग (सीडब्ल्यूजीसी)ने इराक के बसरा स्मारक के लिए नए डिजिटल नाम पैनल पेश किए हैं ताकि छूटे हुए नामों को भी शामिल किया जा सके। सीडब्ल्यूजीसी एक धर्मार्थ संस्था जिसका उद्देश्य दोनों विश्व युद्धों के दौरान शहीद हुए सभी राष्ट्रमंडल सैनिकों और महिलाओं को श्रद्धांजलि में अर्पित करना है।

इस महीने की शुरुआत में शुरू किए गए इस डिजिटल स्मारक में भारतीय सैनिकों के नाम पहली बार 46,000 से अधिक राष्ट्रमंडल सेवा कर्मियों के साथ शामिल किए गए हैं।

सीडब्ल्यूजीसी वैश्विक परामर्श समिति की सदस्य श्राबनी बसु ने कहा, “मेसोपोटामिया अभियान प्रथम विश्व युद्ध के सबसे कठिन अभियानों में से एक था, जिसमें हजारों भारतीय सैनिक शहीद हुए थे; फिर भी उनके नाम कभी बसरा स्मारक पर अंकित नहीं किए गए।”

उन्होंने कहा, “नए डिजिटल पैनलों को देखकर और अंततः 33,000 भारतीय नामों को उनके रैंक और रेजिमेंट सहित पूर्ण स्वरूप में प्रदर्शित होते हुए देखकर बहुत खुशी हो रही है। एक ऐतिहासिक अन्याय को सुधारा जा रहा है। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।”

स्मारक में महत्वपूर्ण भौतिक बदलाव करना मुश्किल था क्योंकि वर्तमान में इराक यात्रा और परिचालन कार्यों के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता है। जब तक स्थल का उचित मूल्यांकन नहीं हो जाता और सभी नामों को विधिवत रूप से याद नहीं किया जा सकता, तब तक एक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में डिजिटल विकल्प चुना गया।

भाषा प्रशांत माधव

माधव