(अदिति खन्ना)
लंदन, 24 अप्रैल (भाषा) ब्रिटेन के वॉल्सॉल में एक सिख महिला से बलात्कार के मामले में दोषी करार दिये गए 32 वर्षीय ब्रिटिश व्यक्ति को शुक्रवार को बर्मिंघम क्राउन अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई।
जॉन एशबी नाम के ब्रिटिश व्यक्ति को पिछले साल अक्टूबर में उस हमले के कुछ दिनों बाद गिरफ्तार किया गया था, जिसने धार्मिक घृणा से प्रेरित वारदात कर वेस्ट मिडलैंड्स में समुदाय को सदमे में डाल दिया था।
व्यक्ति ने शुरू में यौन उत्पीड़न, गला घोंटने, नस्ली रूप से शारीरिक नुकसान पहुंचाने और डकैती के आरोपों से इनकार किया था, लेकिन बाद में उसने अपराधों को स्वीकार कर लिया।
दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई और उसके पैरोल पर विचार किये जाने से पहले उसे 14 साल जेल में रहना होगा।
न्यायाधीश पेप्परॉल ने दोषी को सजा सुनाते समय उससे कहा, ‘‘मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि तुम एक बेहद खतरनाक व्यक्ति हो। तुम महिलाओं के लिए बेहद खतरनाक हो…।’’
क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने कहा कि उसने वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस के साथ मिलकर कई तरह के सबूतों के आधार पर एक मजबूत मामला तैयार किया।
सीसीटीवी फुटेज में एशबी को बस से पीड़िता का पीछा करते, उसके घर की टोह लेते हुए और फिर अंदर घुसकर एक डंडा उठाते देखा गया। साथ ही, स्नानघर में उसके अंगुलियों के निशान और डीएनए पाये गए।
वरिष्ठ अभियोजक आर ढिल्लों ने कहा, ‘‘यह धार्मिक घृणा से प्रेरित एक बेहद परेशान करने वाला हमला था, जो एक निर्दोष महिला पर उसके घर में किया गया – जहां उसे रहने और सुरक्षित महसूस करने का पूरा अधिकार था।’’
भाषा सुभाष माधव
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