यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा ठिकानों पर किया हमला

यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा ठिकानों पर किया हमला

यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा ठिकानों पर किया हमला
Modified Date: May 31, 2026 / 10:34 pm IST
Published Date: May 31, 2026 10:34 pm IST

कीव, 31 मई (एपी) यूक्रेन ने रविवार को मास्को के इन दावों का खंडन किया कि एक यूक्रेनी ड्रोन ने रूस-नियंत्रित जपोरिजिया परमाणु संयंत्र पर हमला किया।

कीव ने रूसी ऊर्जा ठिकानों पर रात भर नये सिरे से हमले किए।

यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने रविवार को कहा कि यूक्रेनी ड्रोन ने दक्षिण-पश्चिमी रूस में सारातोव तेल रिफाइनरी पर हमला किया, जिससे ‘‘बड़े पैमाने पर आग’’ लग गई। उन्होंने दावा किया गया कि यह रिफाइनरी युद्ध में रूसी सेना को तेल की आपूर्ति करती है।

रूस के स्थानीय गवर्नर, रोमन बुसारगिन ने कहा कि यूक्रेनी ड्रोन ने ‘‘नागरिक बुनियादी ढांचे‘‘ को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन उन्होंने फिलहाल इसका विवरण नहीं दिया। एक स्वतंत्र रूसी समाचार चैनल ‘एस्ट्रा’ ने कहा कि सारातोव शहर में एक तेल रिफाइनरी में आग लग गई।

यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूस के तेल और गैस ठिकानों पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। इसके पीछे उसने यह तर्क दिया है कि ऊर्जा क्षेत्र मास्को के आक्रमण को सीधे तौर पर बढ़ावा देता है।

स्थानीय गवर्नर यूरी स्लीयुसर ने रविवार को टेलीग्राम पर बताया कि ड्रोन के मलबे से रूस के दक्षिण-पश्चिमी रोस्तोव क्षेत्र में एक ईंधन डिपो में भी आग लग गई, जो रूस के कब्जे वाले पूर्वी यूक्रेन की सीमा पर स्थित है।

यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने रविवार को पुष्टि की कि मतवेव कुरगन शहर में हुए हमले में उसकी सेना की भूमिका है। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि डिपो पर ड्रोन हमले के कारण व्यापक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आग लग गई।

इसके जनरल स्टाफ के अनुसार, यूक्रेन ने मॉस्को के उत्तर-पूर्व में रूस के किरोव क्षेत्र में यूक्रेन-नियंत्रित भूमि से 1,200 किलोमीटर से अधिक दूरी पर लाज़ारेवो पंपिंग स्टेशन पर भी हमला किया। यह स्टेशन साइबेरिया से बेलारूस तक रूसी तेल भेजने में मदद करता है।

स्थानीय गवर्नर अलेक्जेंडर सोकोलोव ने अधिक विवरण दिए बिना कहा कि ड्रोन से किरोव क्षेत्र में एक स्थान पर हमला किया गया।

इस बीच, कीव ने रूस के उन दावों का खंडन किया कि एक यूक्रेनी ड्रोन ने रूस के कब्जे वाले जपोरिजिया परमाणु संयंत्र पर हमला किया, जो यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र है।

रूसी सेना ने युद्ध के शुरुआती हफ्तों में इस संयंत्र पर कब्जा कर लिया था, और यह दक्षिणी जपोरिजिया क्षेत्र में अग्रिम मोर्चे के पास स्थित है। यह उन चार क्षेत्रों में से एक है जिन्हें रूस ने औपचारिक रूप से अपने कब्जे में ले लिया है।

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने घटना के बाद ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में ‘गंभीर चिंता’ व्यक्त की।

आईएईए ने रविवार को एक बयान में कहा कि उसके निरीक्षकों ने देखा है कि ‘‘एक टरबाइन भवन के बाहरी हिस्से को नुकसान पहुंचा’’ है जो ड्रोन हमले का परिणाम है।

हालांकि, इसमें इस बात का कोई ब्योरा नहीं दिया गया कि ड्रोन कहां से आया था, लेकिन कहा गया कि वहां विकिरण का स्तर सामान्य बना हुआ है।

एपी सुभाष वैभव

वैभव


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