अमेरिका और ईरान ने किये हमले, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संघर्ष गहराया

अमेरिका और ईरान ने किये हमले, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संघर्ष गहराया

अमेरिका और ईरान ने किये हमले, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संघर्ष गहराया
Modified Date: July 18, 2026 / 03:16 pm IST
Published Date: July 18, 2026 3:16 pm IST

दुबई, 18 जुलाई (एपी) अमेरिका और ईरान ने शनिवार को भी एक-दूसरे के बुनियादी ढांचे और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए।

दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है।

पिछले कई दिनों से दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। अंतरिम युद्धविराम टूटने के बाद, इस संघर्ष के जल्द समाप्त होने के कोई संकेत नहीं हैं।

‘अमेरिकी सेंट्रल कमांड’ ने बताया कि उसने लगातार सातवीं रात ईरान के खिलाफ अभियान में उसकी सैन्य क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से हमले किए। शनिवार तड़के जारी बयान में कहा गया कि इन हमलों में निगरानी केंद्रों, सैन्य साजोसामान, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया।

कुवैत ने शनिवार को कहा कि वह ईरान की मिसाइलों और ड्रोन को नष्ट कर रहा है, जबकि इराक ने कहा कि उसने एरबिल शहर के ऊपर हमला करने वाले ड्रोन को मार गिराया है। जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘पेट्रा’ ने बताया कि देश की हवाई रक्षा प्रणाली ने ईरान की मिसाइलों को मार गिराया है, वहीं बहरीन सरकार के अनुसार, वहां कई बार हवाई सायरन बजे।

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, हाल के अमेरिकी हमलों में दर्जनों लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने भी अपने कई और सैनिकों के घायल होने की पुष्टि की है।

ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही प्रभावी रूप से बाधित कर दी, जिससे वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हुआ। शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमत 86 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जबकि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या तीन सप्ताह के न्यूनतम स्तर पर आ गई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ईरान में भी हम बड़ी सफलता की ओर बढ़ रहे हैं और इसके नतीजे बहुत जल्द दुनिया के सामने होंगे।’’

युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत चल रही थी। अब ट्रंप पर युद्ध समाप्त करने और लंबे समय तक चलने वाले पश्चिम एशिया संघर्ष से दूरी बनाने का घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है।

ईरान में पुलों और बिजली घरों पर हमले हुए है।

ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, अमेरिकी हवाई हमलों में दक्षिणी होर्मोज़गान प्रांत के कई पुलों को निशाना बनाया गया।

ईरानी सरकारी मीडिया ने एक दिन पहले कहा था कि इन हमलों का उद्देश्य बंदर अब्बास बंदरगाह को देश के मध्य भाग और राजधानी तेहरान से जोड़ने वाले सड़क एवं रेल संपर्क को बाधित करना है।

ईरान ने पहली बार स्वीकार किया कि अमेरिकी हमलों में उसके बिजली घरों को भी नुकसान पहुंचा है। ऊर्जा मंत्रालय ने दक्षिणी प्रांतों के लोगों से बिजली की बचत करने की अपील की, हालांकि यह नहीं बताया कि कौन-से प्रतिष्ठान प्रभावित हुए।

ईरानी अधिकारियों ने बताया कि हाल के अमेरिकी हमलों में 46 लोगों की मौत हुई है और 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं। शुक्रवार को एक पुल पर हुए हमले में आठ लोगों की जान गई।

उधर, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि सोमवार से अब तक 13 अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें थलसेना के 10 और नौसेना के तीन जवान शामिल हैं। युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 14 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है और 427 सैनिक घायल हो चुके हैं।

अमेरिकी हमलों में ओमान की खाड़ी स्थित ईरान के चाबहार बंदरगाह का एक प्रमुख निगरानी टॉवर भी ढह गया। इसकी पुष्टि ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए और बाद में अमेरिकी सेना ने भी की।

ईरान का कहना है कि इस जलडमरूमध्य पर सिर्फ़ उसका ही नियंत्रण होना चाहिए और जहाज़ों को तेहरान को शुल्क अदा करना चाहिए – जबकि दुनिया दशकों से इसे एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग मानती रही है।

एपी शोभना सुभाष

सुभाष


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