अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले शुरू किए, खोमेनेई के कार्यालयों के पास हुआ धमाका

अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले शुरू किए, खोमेनेई के कार्यालयों के पास हुआ धमाका

अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले शुरू किए, खोमेनेई के कार्यालयों के पास हुआ धमाका
Modified Date: February 28, 2026 / 02:11 pm IST
Published Date: February 28, 2026 2:11 pm IST

दुबई, 28 फरवरी (एपी) अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान पर हमले शुरू किये और ऐसा प्रतीत होता है कि पहला हमला सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालयों के पास हुआ।

ईरानी मीडिया ने देशभर में हमलों की खबरें दीं और राजधानी तेहरान से धुएं का गुबार उठता दिखायी दिया।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि अमेरिका ने ‘‘ईरान में बड़े पैमाने पर युद्ध अभियान शुरू कर दिए हैं।’’

बहरहाल, अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका कि 86 वर्षीय खामेनेई उस समय अपने कार्यालय में मौजूद थे या नहीं। अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच वह पिछले कई दिनों से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं।

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका ने ईरान पर उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते के लिए दबाव बनाने के वास्ते क्षेत्र में लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों का बड़ा बेड़ा तैनात कर रखा है।

तेहरान के मध्य क्षेत्र में स्थित खामेनेई के परिसर की ओर जाने वाली सड़कों को अधिकारियों ने बंद कर दिया, जबकि राजधानी के विभिन्न हिस्सों में विस्फोटों की आवाज़ें भी सुनाई देती रहीं। परिवहन मंत्रालय के अनुसार, पड़ोसी इराक ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है।

हमले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि इजराइली अभियान के निशानों पर ईरान की सेना, सरकारी भवन तथा खुफिया ठिकाने शामिल हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए एक समझौता करना चाहते थे। उनका मानना है कि देश के भीतर बढ़ते विरोध और राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के बाद पैदा हुई अस्थिरता के बीच ऐसा समझौता करने का अवसर मौजूद है।

दूसरी ओर, ईरान युद्ध से बचना चाहता था, लेकिन उसका कहना है कि उसे यूरेनियम संवर्धन करने का अधिकार है। वह अपने लंबी दूरी के मिसाइल कार्यक्रम या हमास और हिजबुल्ला जैसे सशस्त्र संगठनों को समर्थन देने जैसे मुद्दों पर बातचीत नहीं करना चाहता।

यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया कि ईरान तुरंत जवाबी हमला करेगा या नहीं। हालांकि उसने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि उस पर हमला हुआ तो क्षेत्र में फैले अमेरिकी सैन्य कर्मी और ठिकाने उसके प्रतिशोध का निशाना बन सकते हैं।

इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इस हमले को ‘‘खतरों को समाप्त करने’’ के लिए उठाया गया कदम बताया। हालांकि, उन्होंने तुरंत इसका अधिक विवरण नहीं दिया।

इजराइल के कई अस्पतालों ने आपातकालीन प्रोटोकॉल शुरू कर दिए हैं, जिनमें मरीजों को भूमिगत केंद्रों में स्थानांतरित करना शामिल है।

तेहरान में प्रत्यक्षदर्शियों ने खामेनेई के कार्यालय के पास पहला धमाका सुना। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने बाद में विस्फोट की खबर दी, लेकिन इसका कारण नहीं बताया।

इसी समय इजराइल में सायरन बजने लगे। इजराइली सेना ने कहा कि उसने ‘‘जनता को पहले से चेतावनी जारी की है ताकि इजराइल की ओर मिसाइल दागे जाने की संभावित स्थिति के लिए लोग तैयार रह सकें।’’

इजराइल द्वारा ईरान पर हमले की घोषणा के बाद ईरान की राजधानी में और भी विस्फोट हुए। अधिकारियों ने हमलों में हताहतों की कोई जानकारी नहीं दी है।

इस बीच, ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र और मोबाइल फोन सेवाएं बंद कर दी हैं।

एपी

गोला संतोष

संतोष


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