सैन्य हेलीकॉप्टर गिराए जाने के ट्रंप के आरोप के बाद अमेरिका-ईरान के बीच हवाई हमले शुरू
सैन्य हेलीकॉप्टर गिराए जाने के ट्रंप के आरोप के बाद अमेरिका-ईरान के बीच हवाई हमले शुरू
दुबई, 10 जून (एपी) अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत, बहरीन और जॉर्डन को निशाना बनाने का दावा किया, जबकि कुवैत की वायु रक्षा प्रणाली ने हमलावर मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई की।
इस घटनाक्रम ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध में जारी नाजुक युद्धविराम और क्षेत्रीय स्थिरता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
ईरान ने कहा कि उसने बुधवार सुबह अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में उक्त देशों को निशाना बनाया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के समीप अमेरिकी सेना का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अमेरिका ने बुधवार को ईरान पर हमले किए, जिसके बाद तेहरान ने इनका जवाब देने की चेतावनी दी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हेलीकॉप्टर दुर्घटना के लिए ईरान को दोषी ठहराया है।
ट्रंप ने इससे पहले सोशल मीडिया पर लिखा था कि ईरान ने जलडमरूमध्य के ऊपर गश्त कर रहे अमेरिकी विमान को मार गिराया। राष्ट्रपति ने कहा था कि अमेरिका को ‘‘इस हमले का जवाब देना ही होगा।’’
ईरान ने जवाबी कार्रवाई की कसम खाई, जिससे ईरान युद्ध में स्थायी युद्धविराम की संभावनाओं पर फिर सवाल खड़े हो गए। इस युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग अवरुद्ध हो गया है और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल आया है।
इस बीच बहरीन में मिसाइल हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजने लगे, जहां अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा तैनात है। तेहरान ने कहा कि उसने जवाबी कार्रवाई के तहत इस ठिकाने को निशाना बनाया है।
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने ईरान में ‘‘वायु रक्षा प्रणालियों, जमीनी नियंत्रण स्टेशन और निगरानी रडार ठिकानों’’ को निशाना बनाकर हमले किए। ईरान ने बंदर अब्बास और केश्म द्वीप के आसपास हमलों की पुष्टि की, लेकिन नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
सेंट्रल कमांड ने कहा, ‘‘यह अभियान अमेरिकी बलों और क्षेत्रीय समुद्री मार्गों से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों पर हालिया हमलों के उसी तरह जवाब के रूप में चलाया गया।’’
इसके बाद ईरान ने कहा कि उसने जॉर्डन में स्थित उस हवाई अड्डे पर मिसाइल हमला किया है, जहां अमेरिकी सैन्य बल तैनात हैं।
हालांकि, जॉर्डन और अमेरिका दोनों ने जॉर्डन को निशाना बनाकर किए गए किसी भी हमले की अभी पुष्टि नहीं की।
ईरान के अर्धसैन्य बल रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि उसने मुवाफ्फक सल्ती एयर बेस पर मिसाइलें दागी हैं।
इस एयर बेस पर अमेरिकी एफ-35 लड़ाकू विमान और अन्य सैन्य विमान तैनात रहे हैं।
साथ ही ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय और कुवैत में अमेरिकी सैनिकों वाले सैन्य अड्डे को ड्रोन से निशाना बनाया।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान के क्षेत्र के पास मौजूद विदेशी सैन्य बल ‘‘लगातार खतरे मे’’ हैं। उन्होंने अमेरिकी हमलों का जवाब देने की चेतावनी भी दी।
अराघची ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ईरानी बल किसी भी हमले या खतरे को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेंगे। यदि सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो हमारे क्षेत्र से दूर चले जाएं।’’
अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने और उसके बाद किए गए अमेरिकी हमलों ने दो महीने से लागू युद्धविराम को और कमजोर कर दिया। इससे एक दिन पहले ही युद्धविराम लागू होने के बाद पहली बार ईरान और इजराइल के बीच गोलेबारी हुई थी।
एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि सेना का एएच-64 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर एक ईरानी ड्रोन से टकराने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
यह स्पष्ट नहीं है कि यह टक्कर जानबूझकर कराई गई थी या नहीं। आधिकारिक बयानों में केवल इतना कहा गया है कि हेलीकॉप्टर दुर्घटना की जांच की जा रही है। इससे पहले सीएनएन, सीबीएस न्यूज और अन्य मीडिया संस्थानों ने भी इस टक्कर की खबर दी थी।
अमेरिकी सेना के इतिहास में अपनी तरह के पहले अभियान में एक ड्रोन नौका (ड्रोन बोट) ने मंगलवार तड़के स्थानीय समयानुसार सुबह 3:30 बजे दो पायलटों को बचाया। सेंट्रल कमांड के अनुसार, ओमान के तट के पास गश्त के दौरान उनका हेलीकॉप्टर समुद्र में गिर गया था और बचाव अभियान दुर्घटना के लगभग दो घंटे बाद चलाया गया।
ट्रंप ने कहा कि दोनों सैन्यकर्मी सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई है।
एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर अमेरिकी सेना के लिए महत्वपूर्ण सैन्य संसाधन रहे हैं। अमेरिका इनका उपयोग ईरानी कच्चे तेल की खेपों और टैंकरों पर नाकेबंदी लागू करने में कर रहा है, ताकि तेहरान पर किसी समझौते के लिए दबाव बनाया जा सके। इन हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल संयुक्त अरब अमीरात द्वारा ईरानी ड्रोन को मार गिराने के लिए भी किया गया है।
ट्रंप द्वारा यह आरोप लगाए जाने के तुरंत बाद कि ईरान ने विमान को मार गिराया है, ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि यह जलडमरूमध्य अमेरिकी तटों से हजारों मील दूर स्थित है।
अराघची ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘हमारे क्षेत्र के निकट मौजूद विदेशी सैन्य बल अपनी मानवीय गलतियों, साधारण दुर्घटनाओं या संभावित रूप से गोलेबारी की चपेट में आने के कारण लगातार जोखिम में रहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यदि वे जोखिम कम करना चाहते हैं, तो सबसे अच्छा समाधान यह है कि वे इस क्षेत्र को छोड़ दें।’’
एपी गोला वैभव
वैभव

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