पानी हमारे क्षेत्र की जीवन-रेखा, इसका इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए नहीं हो: सिंधु जल संधि पर शहबाज
पानी हमारे क्षेत्र की जीवन-रेखा, इसका इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए नहीं हो: सिंधु जल संधि पर शहबाज
इस्लामाबाद, एक सितंबर (भाषा) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि पानी इस क्षेत्र की ‘‘जीवन-रेखा’’ है और इसका इस्तेमाल कभी भी दबाव बनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
‘डॉन’ अखबार की खबर के मुताबिक, किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए शरीफ ने यह भी कहा कि यह क्षेत्र ‘‘स्थायी शांति के बिना अपनी पूरी क्षमता हासिल नहीं कर सकता।’’
उन्होंने सिंधु जल संधि के मुद्दे पर कहा, ‘‘पानी हमारे क्षेत्र की जीवन-रेखा है। यह लाखों लोगों के जीवन के लिए जरूरी है, यह हमारी जमीन को उपजाऊ बनाता है और हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करता है।’’
शरीफ ने कहा कि ‘‘इसका इस्तेमाल कभी भी हथियार के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए, न तो इसका इस्तेमाल दबाव डालने के लिए किया जा सकता है और न ही राजनीतिक फायदा उठाने के लिए इसका दुरुपयोग किया जा सकता है।’’
भारत ने पिछले साल अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले (जिसमें 26 लोग मारे गए थे) के तुरंत बाद दंडात्मक कूटनीतिक कार्रवाई के तहत सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था।
शरीफ ने कहा, ‘‘हमारे साझा जल संसाधनों को नियंत्रित करने वाली संधियां गंभीर और बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं हैं। ये राजनीतिक सुविधा के मामले नहीं हैं जिन्हें अपनी मर्जी से दरकिनार किया जा सके। इनका अक्षरशः बिना किसी शर्त के पालन किया जाना चाहिए।’’
उनकी यह टिप्पणी भारत द्वारा स्थायी मध्यस्थता अदालत के उस आदेश को खारिज करने के एक दिन बाद आई है, जिसमें पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित करने के भारत के फैसले को रद्द कर दिया गया था। भारत का कहना है कि ‘‘गैर-कानूनी तरीके से गठित’’ इस संस्था को नयी दिल्ली के संप्रभु फैसलों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है।
पाकिस्तान ने इस साल मार्च में हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता अदालत का रुख किया था ताकि संधि की स्थिति तय की जा सके, हालांकि असल में यह कदम भारत की कार्रवाई को चुनौती देने जैसा था।
आतंकवाद के मुद्दे पर शरीफ ने कहा कि यह ‘‘सबसे गंभीर खतरों में से एक बना हुआ है, जिसने हमारे पूरे क्षेत्र को अलग-अलग तरह से प्रभावित किया है।’’
शरीफ ने अमेरिका-ईरान संघर्ष में पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों के बारे में भी बात की।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से साझा किए गए एक वीडियो क्लिप में शरीफ को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से बात करते देखा गया। उन्हें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयप एर्दोआन के साथ बैठे भी देखा गया।
प्रधानमंत्री ने ईरान, उज़्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और बेलारूस के राष्ट्रपतियों के साथ अनौपचारिक बैठकें भी कीं।
पाकिस्तान 2026-27 के लिए एससीओ की राष्ट्राध्यक्ष परिषद (सीएचएस) की अध्यक्षता संभालने वाला है और अगले साल होने वाले सीएचएस शिखर सम्मेलन की मेजबानी इस्लामाबाद करेगा।
भाषा सुभाष माधव
माधव

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