इंडोनेशिया में श्रमिकों ने नये श्रम कानून के खिलाफ मई दिवस पर प्रदर्शन किया

इंडोनेशिया में श्रमिकों ने नये श्रम कानून के खिलाफ मई दिवस पर प्रदर्शन किया

इंडोनेशिया में श्रमिकों ने नये श्रम कानून के खिलाफ मई दिवस पर प्रदर्शन किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:41 pm IST
Published Date: May 1, 2021 10:28 am IST

जकार्ता, एक मई (एपी) इंडोनिशिया में श्रमिकों ने एक नये कानून को अपने अधिकारों और हितों के लिए नुकसानदेह बताते हुए शनिवार को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर रोष जताते हुए मार्च निकाला। हालांकि कोरोना वायरस पाबंदियों के चलते कम संख्या में श्रमिक मार्च में शामिल हुए।

कंफेडरेशन ऑफ इंडोनेशियन ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष सैद इकबाल ने बताया कि 200 शहरों एवं जिलों में 3000 कंपनियों एवं फैक्टरियों के करीब 50000 श्रमिकों के अंतराष्ट्रीय श्रमिक दिवस मार्च में हिस्सा लेने की उम्मीद थी लेकिन ज्यादातर रैलियां कड़ी स्वास्थ्य पाबंदियों के चलते फैक्टरी एवं कंपनी परिसरों के बाहर ही हुईं।

जकार्ता के पुलिस प्रवक्ता युसरी युनूस ने बताया कि महामारी के केंद्र इस शहर में प्रशासन ने श्रमिक संगठनों को आपस में दूरी एवं अन्य उपायों का पालन करने की चेतावनी दी थी।

नए रोजगार सृजन कानून से नाराज कई सौ श्रमिक राष्ट्रीय स्मारक के समीप जुटे । उन्होंने मांग संबंधी बैनर और अपने अपने संगठनों के रंग-बिरंगे झंडे ले रखे थे।

रिडेन हताम अजीज नामक एक आयोजक ने कहा, ‘‘ नए रोजगार सृजन कानून ने बेहतर भविष्य की हमारी उम्मीद को दफन कर दिया है। ’’

बाद में वह कंस्टीट्यूशनल कोर्ट तक आयोजित मार्च में शामिल हुए और कानून को वापस लेने की मांग की।

एपी

राजकुमार पवनेश

पवनेश


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