यमन: हूती विरोधी परिषद ने अलगाववादी नेता को निष्कासित किया, कहा – उस पर देशद्रोह के आरोप हैं
यमन: हूती विरोधी परिषद ने अलगाववादी नेता को निष्कासित किया, कहा - उस पर देशद्रोह के आरोप हैं
दुबई, सात जनवरी (एपी) यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ने वाली एक परिषद ने बुधवार को कहा कि उसने अलगाववादी आंदोलन के एक नेता को निष्कासित कर दिया है। परिषद ने हाल में वार्ता के लिए सऊदी अरब की यात्रा से इनकार करने के बाद नेता पर देशद्रोह के आरोप लगाए हैं।
हूती विरोधी ताकतों के नियंत्रण वाली ‘सबा’ समाचार एजेंसी की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह कदम सऊदी समर्थित बलों और संयुक्त अरब अमीरात द्वारा समर्थित सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (एसटीसी) के बीच हालिया तनाव को दर्शाता है।
एसटीसी नेता ऐदारौस अल-जुबैदी वर्तमान में कहां है, इस बारे में तत्काल कोई पता नतीं चल पाया है।
एसटीसी ने ‘प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल’ के नाम से प्रसिद्ध हूती विरोधी नेतृत्व समूह के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलकी के एक पहले के बयान में कहा गया था कि अल-जुबैदी को सऊदी अरब के लिए उड़ान भरनी थी, लेकिन वह परिषद के अन्य अधिकारियों के साथ विमान में सवार नहीं हुए।
अल-मलकी ने कहा, ‘‘वैध सरकार और गठबंधन को खुफिया जानकारी मिली थी कि अल-जुबैदी ने बख्तरबंद वाहनों, लड़ाकू वाहनों, भारी एवं हल्के हथियारों और गोला-बारूद सहित सेना के एक बड़े हिस्से को इकट्ठा किया है।’’
उन्होंने बताया कि अल-जुबैदी ‘‘किसी अज्ञात स्थान पर भाग गया है’’।
हाल के हफ्तों में सऊदी अरब ने एसटीसी के ठिकानों पर बमबारी की और कथित तौर पर अमीराती हथियारों की खेप पर हमला किया। सऊदी अरब के दबाव और हूती-विरोधी बलों द्वारा यमन से हटने की चेतावनी मिलने के बाद संयुक्त अरब अमीरात ने शनिवार को अपनी सेना वापस बुला ली।
यमन में तनाव ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बीच संबंधों को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। अरब प्रायद्वीप पर स्थित ये पड़ोसी देश आर्थिक मुद्दों और क्षेत्रीय राजनीति विशेष रूप से लाल सागर क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा करते रहे हैं।
सऊदी अरब और यूएई ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ने के लिए गठबंधन के घोषित लक्ष्य को साझा किया है, जिन्होंने 2014 से यमन की राजधानी सना पर कब्जा कर रखा है।
एपी सुरभि मनीषा
मनीषा

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