यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने अहम जलडमरूमध्य में द्वीप पर कब्जा किया

Ads

यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने अहम जलडमरूमध्य में द्वीप पर कब्जा किया

  •  
  • Publish Date - September 12, 2026 / 08:39 AM IST,
    Updated On - September 12, 2026 / 08:39 AM IST

काहिरा, 12 सितंबर (एपी) यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के दक्षिणी प्रवेश द्वार पर स्थित एक रणनीतिक द्वीप पर कब्जा कर लिया है जिससे ईरान युद्ध में एक नया मोर्चा खुल गया है और सऊदी अरब की ओर से होने वाले तेल निर्यात पर संकट और बढ़ गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास कई वर्षों में अपना सबसे बड़ा क्षेत्रीय विस्तार किया है। यह दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। इस घटनाक्रम से ईरान को अमेरिका पर दबाव बढ़ाने के लिए दुनिया में तेल और गैस की कीमतें बढ़ाने की अपनी रणनीति को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

इस बीच, सऊदी अरब ने कहा कि उसने उसकी एक पाइपलाइन पर हमले के एक दिन बाद उसे बंद कर दिया। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह कदम ‘‘एहतियाती उपाय’’ के तौर पर उठाया गया है।

सऊदी विदेश मंत्रालय ने पाइपलाइन पर हमले के लिए इराक से आए कई ड्रोन को जिम्मेदार ठहराया। सरकारी ‘सऊदी प्रेस एजेंसी’ में प्रकाशित एक बयान में सऊदी अरब ने कहा कि वह हमले का जवाब नहीं देगा, ताकि इराकी सरकार को ‘‘जरूरी कदम उठाने का अवसर’’ दिया जा सके। इराक की सरकार ने हमले की निंदा की और जांच के आदेश दिए।

सऊदी अरब और अमेरिका ने जुलाई में इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया पर बमबारी की थी। उन पर सऊदी तेल प्रतिष्ठानों पर ड्रोन हमलों का आरोप लगाया गया था, जिसकी जिम्मेदारी हूती विद्रोहियों ने ली थी।

क्षेत्रीय अधिकारियों ने ‘एपी’ को बताया कि हूतियों ने ‘इराकी मिलिशिया’ को हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में मदद की थी।

अस्सी के दशक में बनाई गई ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन ने ईरान युद्ध के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के बाद सऊदी अरब की तेल निर्यात क्षमता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, जून की शुरुआत तक सऊदी अरब ने पाइपलाइन के अंतिम छोर पर स्थित लाल सागर के बंदरगाह से तेल निर्यात दोगुने से अधिक बढ़ाकर 50 लाख बैरल प्रतिदिन से ज्यादा कर दिया था।

हूती विद्रोहियों द्वारा मायून नामक छोटे और बंजर ज्वालामुखीय द्वीप पर कब्जे की पुष्टि यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और हूती अधिकारी ने की। इस द्वीप को पेरिम के नाम से भी जाना जाता है और यह जलडमरूमध्य के भीतर स्थित है।

एपी शोभना सिम्मी

सिम्मी