mausam update/ image source: ANI X handle
नई दिल्ली: जनवरी के अंत में उत्तर भारत के मौसम ने एक बार फिर करवट ली है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमालयी राज्यों में भारी बर्फबारी जारी है, जबकि दिल्ली-एनसीआर और अन्य मैदानी इलाकों में बारिश, घने बादल और ओलावृष्टि का असर देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के कुछ हिस्सों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जो आने वाले 48 घंटों में भारी बर्फबारी और ओलावृष्टि की चेतावनी दे रहा है।
हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का आलम यह है कि श्रीनगर से लेकर शिमला और केदारनाथ तक सड़कें सफेद चादर से ढक गई हैं। भारी हिमपात के कारण कई नेशनल हाईवे बंद हो गए हैं और बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा न करने की सलाह दी गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ों पर हो रही यह हलचल सीधे मैदानी इलाकों के तापमान पर असर डाल रही है।
#WATCH | Rajouri, J&K: Heavy snowfall occurred in the Kotranka sub-division and Pir Panjal range. pic.twitter.com/riBvRPOHnB
— ANI (@ANI) January 28, 2026
मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों में भारी वर्षा और हिमपात की संभावना है। मैदानी क्षेत्रों में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और तेज हवाओं के झोंके चलने की चेतावनी है।
दिल्ली-एनसीआर में बुधवार, 28 जनवरी को भी आसमान में घने बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि न्यूनतम तापमान में अगले दो दिनों में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है, जिससे ठिठुरन और बढ़ जाएगी। पंजाब, पूर्वी मध्य प्रदेश और मेघालय में घना कोहरा छाया रहा। हिमाचल प्रदेश में ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बनी हुई है, जबकि पंजाब और हरियाणा में ‘कोल्ड वेव’ (शीतलहर) की संभावना है।
मध्य भारत और गुजरात में भी मौसम की स्थिति बिगड़ने की संभावना है। मध्य प्रदेश में अगले दो दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री गिर सकता है। गुजरात में भी 24 घंटों के भीतर तापमान 3 से 5 डिग्री तक घट सकता है। बिहार और छत्तीसगढ़ में 28 जनवरी से कोहरे की एक नई परत विकसित होने का अनुमान है।
उत्तराखंड में बदरीनाथ और केदारनाथ सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी के बाद हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बार हिमपात हुआ है। हिमस्खलन की आशंका को देखते हुए उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से जयपुर, बीकानेर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभाग में मंगलवार सुबह हल्की से मध्यम बारिश हुई और ठंडी हवाओं से ठंडक बढ़ गई। आने वाले दिनों में राज्य में तापमान में और गिरावट होने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने, और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। किसानों को भी सलाह दी गई है कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।