बिहार में 31.71 लाख ‘लखपति दीदी’: ग्रामीण विकास मंत्री

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बिहार में 31.71 लाख ‘लखपति दीदी’: ग्रामीण विकास मंत्री

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  • Publish Date - February 17, 2026 / 09:35 PM IST,
    Updated On - February 17, 2026 / 09:35 PM IST

पटना, 17 फरवरी (भाषा) बिहार में 31.71 लाख ‘लखपति दीदी’ हैं, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख रुपये या उससे अधिक है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने मंगलवार को विधानसभा में यह जानकारी दी।

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ग्रामीण विकास विभाग के 23,701.18 करोड़ रुपये के प्रस्तावित बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए कुमार ने कहा, ‘‘राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। जब महिलाएं रोजगार या स्वरोजगार से जुड़ती हैं, तो उनके सपनों को नयी उड़ान मिलती है और समाज में उनका सम्मान भी बढ़ता है।’’

हालांकि, ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों के बहिर्गमन के बीच सदन ने विभाग का बजट ध्वनिमत से पारित कर दिया।

मंत्री ने बताया कि ‘लखपति दीदी’ वह स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सदस्य होती हैं, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख रुपये या उससे अधिक होती है। यह आय कम से कम चार कृषि सत्रों या व्यापार चक्रों के आधार पर आंकी जाती है, जिसमें औसत मासिक आय 10,000 रुपये से अधिक होती है, ताकि आय स्थायी बनी रहे।

उन्होंने कहा कि लखपति दीदी पहल विभिन्न सरकारी विभागों और बाजार तंत्र के समन्वय से विविध आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देती है। मंत्री ने कहा, ‘‘इन महिलाओं की मेहनत ने गांव बदले हैं, समाज बदला है और परिवार की स्थिति भी बदली है।’’

लखपति दीदी योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अगस्त 2023 में की थी।

कुमार ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 1.4 करोड़ नए पक्के मकानों के निर्माण को लेकर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य से पीएमएवाई-ग्रामीण योजना से वंचित लोगों का सर्वेक्षण कराने को कहा था। सर्वेक्षण में 1.4 करोड़ अतिरिक्त पक्के मकानों की जरूरत सामने आई है।

भाषा कैलाश

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