बिहार विधानसभा में 87,383 करोड़ रुपये का विनियोग विधेयक पारित

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बिहार विधानसभा में 87,383 करोड़ रुपये का विनियोग विधेयक पारित

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  • Publish Date - July 23, 2026 / 09:06 PM IST,
    Updated On - July 23, 2026 / 09:06 PM IST

पटना, 23 जुलाई (भाषा) बिहार विधानसभा ने बृहस्पतिवार को विपक्ष के बहिर्गमन के बीच ध्वनिमत से बिहार विनियोग विधेयक, 2026 पारित कर दिया। इसके साथ ही राज्य सरकार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान विभिन्न विभागों के खर्च के लिए राज्य की संचित निधि से 87,383.43 करोड़ रुपये निकालने की अनुमति मिल गई।

विधेयक पर चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने राज्य में वित्तीय संकट की बात को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि बिहार में धन की कोई कमी नहीं है और सरकार की सभी वित्तीय प्रक्रियाएं कानून के अनुरूप संचालित हो रही हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में किसी प्रकार का वित्तीय संकट नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं में कई बार केंद्र सरकार से राशि मिलने में विलंब हो जाता है।

ऐसी स्थिति में योजनाओं का काम प्रभावित न हो, इसके लिए अस्थायी व्यवस्था के रूप में आकस्मिक निधि से राशि उपलब्ध कराई जाती है और बाद में केंद्र से राशि प्राप्त होने पर उसकी भरपाई कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि इसे वित्तीय संकट से जोड़ना उचित नहीं है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार के कई विभागों को अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता है।

इसके तहत ग्रामीण विकास विभाग को 13,682.63 करोड़ रुपये, समाज कल्याण विभाग को 16,485.80 करोड़ रुपये, वित्त विभाग को 14,637.10 करोड़ रुपये, ऊर्जा विभाग को 11,494.79 करोड़ रुपये तथा ग्रामीण कार्य विभाग को 1,807.41 करोड़ रुपये सहित अन्य विभागों को राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

यादव ने कहा कि इस अधिनियम के तहत राज्य की संचित निधि से निकासी के लिए अधिकृत राशि का उपयोग एक अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष से संबंधित अनुसूची में उल्लिखित प्रयोजनों और सेवाओं पर किया जाएगा तथा उसी के अनुरूप इसका विनियोग किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 204 के तहत बनाए गए किसी विधि के अनुसार विनियोग किए बिना राज्य की संचित निधि से कोई राशि नहीं निकाली जा सकती।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार विनियोग अधिनियम, 2026 के तहत अधिकृत राशि चालू वित्तीय वर्ष के व्यय को पूरा करने के लिए अपर्याप्त पाई गई।

उन्होंने कहा कि वार्षिक वित्तीय विवरण में अनुपूरक तथा अतिरिक्त व्यय की आवश्यकता भी उत्पन्न हुई है।

उन्होंने कहा कि इसी वजह से 31 मार्च, 2027 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के दौरान होने वाले खर्च को पूरा करने के लिए राज्य की संचित निधि से 87,383.43 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की निकासी और विनियोग को अधिकृत करना आवश्यक हो गया है।

विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों ने इसमें संशोधन प्रस्ताव पेश किए, लेकिन सरकार ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। इसके बाद विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया। हंगामे के बीच विधानसभा ने ध्वनिमत से विधेयक पारित कर दिया।

भाषा कैलाश संतोष

संतोष