बिहार में लड़कियों और महिलाओं के 355 निजी छात्रावास वैध पंजीकरण के बिना संचालित : पुलिस

Ads

बिहार में लड़कियों और महिलाओं के 355 निजी छात्रावास वैध पंजीकरण के बिना संचालित : पुलिस

  •  
  • Publish Date - July 17, 2026 / 09:49 PM IST,
    Updated On - July 17, 2026 / 09:49 PM IST

पटना, 17 जुलाई (भाषा) बिहार पुलिस के एक सर्वेक्षण में पता चला है कि राज्य में लड़कियों और महिलाओं के 355 निजी छात्रावास अनिवार्य पंजीकरण के बिना संचालित किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने जनवरी की शुरुआत में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की एक अभ्यर्थी की मौत के बाद ऐसे अनधिकृत छात्रावासों की पहचान के लिए राज्यव्यापी अभियान तेज कर दिया था।

जहानाबाद की रहने वाली नीट अभ्यर्थी जनवरी में पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित ‘शंभू गर्ल्स हॉस्टल’ में बेहोशी की हालत में मिली थी। उसकी कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। छात्रा के परिजनों ने उसके यौन उत्पीड़न और मामले को दबाने की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया था।

बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, राज्य में लड़कियों और महिलाओं के लिए संचालित कुल 469 निजी छात्रावासों में से केवल 114 ने ही सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपना पंजीकरण कराया है।

बयान में कहा गया है कि शेष 355 अपंजीकृत छात्रावासों को जल्द पंजीकरण कराने के लिए औपचारिक नोटिस जारी किए गए हैं।

पुलिस के सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि राज्य में लड़कियों और महिलाओं के लिए संचालित कुल 783 छात्रावासों में से 700 में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, 281 में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू है और 658 छात्रावासों में आगंतुक पंजी है।

पुलिस ने सभी छात्रावास प्रबंधनों को इन सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

बयान के अनुसार, महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अपराधों से जुड़े कानूनी एवं दंडात्मक प्रावधानों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला स्तर पर पुरुष विद्यार्थियों में पर्चे वितरित किए जाएंगे।

इसके अलावा, स्वतंत्रता दिवस से पहले 21 जुलाई से 10 अगस्त तक ‘ऑपरेशन विधि पालक युवक’ नामक विशेष अभियान चलाने का प्रस्ताव है।

भाषा कैलाश

सिम्मी

सिम्मी