पटना, छह फरवरी (भाषा) बिहार विधानसभा में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी के कारण सरकार को उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा जब उन्होंने कुछ सवालों के जवाब न केवल गलत दिए, बल्कि उत्तर ठीक से पढ़ भी नहीं पाए।
प्रश्नकाल के दौरान प्रभारी स्वास्थ्य मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी सदन में अंग्रेजी शब्दों के उच्चारण में अटकते नजर आए। ‘एंडोस्कोपी’ जैसे शब्द पढ़ने में उनकी जुबान लड़खड़ा गयी।
वह विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता के उस सवाल का जवाब दे रहे थे कि बिहार में प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य खर्च 701 रुपये है, जो पड़ोसी राज्यों से भी कम है। इस पर चंद्रवंशी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके बाद मंत्री विजय चौधरी ने बचाव किया और प्रश्न का उत्तर दिया।
सहकारिता मंत्री चंद्रवंशी को स्वास्थ्य विभाग का भी प्रभार सौंपा गया है।
सत्ता पक्ष के एक विधायक के सवाल पर भी मंत्री उलझ गए। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक और पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा ने पूछा कि एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के लिए क्या मानक हैं और उसमें कितने चिकित्सक, नर्स और अन्य स्टाफ होने चाहिए। इस पर प्रभारी स्वास्थ्य मंत्री ने जवाब दिया कि इसे अगले वित्तीय वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। इस उत्तर पर सदन में ठहाके लगने लगे।
भाषा कैलाश गोला
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