पटना, पांच फरवरी (भाषा) बिहार में विधान परिषद की सदस्य और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की नेता राबड़ी देवी ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की एक अभ्यर्थी की मौत के मामले में बृहस्पतिवार को राज्य पुलिस पर तथ्यों को ‘‘छिपाने’’ का आरोप लगाया।
पूर्व मुख्यमंत्री, बजट सत्र के तीसरे दिन विधान परिषद के बाहर विपक्षी सदस्यों द्वारा किये जा रहे प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों को संबोधित कर रही थीं।
जहानाबाद निवासी नीट अभ्यर्थी पिछले महीने छह जनवरी को पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित एक छात्रावास में अचेत अवस्था में पाई गई थी।
कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी।
परिजनों ने अधिकारियों पर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।
बिहार सरकार ने इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की सिफारिश की थी।
विशेष जांच दल (एसआईटी) इस मामले की जांच कर रहा था।
राबड़ी देवी ने पत्रकारों से कहा, “बिहार का कोई ऐसा जिला नहीं है, जहां अपराध नहीं हो रहे हैं। इस (नीट अभ्यर्थी मौत मामले) पर सरकार और गृह मंत्री चुप हैं। उन्होंने सभी तथ्यों को छिपाने के बाद मामले को सीबीआई को सौंप दिया।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ‘‘दोषियों को बचाने’’ की कोशिश कर रही है क्योंकि अपराध में शामिल लोग ‘‘सरकार का हिस्सा’’ हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “उन्होंने (सरकार ने) मामला सीबीआई को सौंप दिया लेकिन सीबीआई क्या करेगी? यह एजेंसी भी केंद्र सरकार के नियंत्रण में है।”
राबड़ी देवी ने विधानसभा में मंगलवार को पेश बजट पर कहा, “इस बजट में बिहार के लोगों के लिए कुछ भी नहीं है। वे केवल लोगों को गुमराह कर उनके वोट हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।”
भाषा कैलाश जितेंद्र
जितेंद्र