सोशल मीडिया पर प्रसारित उत्तरपुस्तिका पूरी तरह फर्जी, आयोग को बदनाम करने की साजिश : बीपीएससी

सोशल मीडिया पर प्रसारित उत्तरपुस्तिका पूरी तरह फर्जी, आयोग को बदनाम करने की साजिश : बीपीएससी

सोशल मीडिया पर प्रसारित उत्तरपुस्तिका पूरी तरह फर्जी, आयोग को बदनाम करने की साजिश : बीपीएससी
Modified Date: August 24, 2026 / 06:35 pm IST
Published Date: August 24, 2026 6:35 pm IST

पटना, 24 अगस्त (भाषा) बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित उत्तरपुस्तिका को पूरी तरह फर्जी करार देते हुए सोमवार को कहा कि आयोग को बदनाम करने के लिए भ्रामक सामग्री प्रसारित की जा रही है।

आयोग के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने सचिव हेमंत कुमार सिंह की उपस्थिति में प्रेसवार्ता में वास्तविक उत्तरपुस्तिका दिखाते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कॉपी का बीपीएससी से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने कहा कि आयोग पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं और परीक्षार्थियों की उत्तरपुस्तिकाएं उनके आईडी पर उपलब्ध करा दी जाएंगी।

उन्होंने कहा कि बीपीएससी की सभी परीक्षाएं अब दो चरणों में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है तथा सभी परीक्षाओं में नकारात्मक अंकन (नेगेटिव मार्किंग) की व्यवस्था जारी रहेगी, इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

राजेश कुमार सिंह ने कहा कि दो या अधिक चरणों में परीक्षा आयोजित करने की व्यवस्था नई नहीं है और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग सहित कई राज्यों में भी ऐसी प्रणाली लागू है।

परीक्षा नियंत्रक ने हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह भ्रांति फैलाई जा रही है कि हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को कम और अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों को अधिक अंक दिए जाते हैं, जबकि हकीकत यह है कि मूल्यांकन पूरी तरह सही उत्तर और उत्तर की गुणवत्ता के आधार पर किया जाता है।

शिक्षक नियुक्ति परीक्षा (टीआरई)-4 के संबंध में उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया एक से 30 सितंबर तक चलेगी और परीक्षा दिसंबर या जनवरी में आयोजित किए जाने की संभावना है।

राजेश कुमार सिंह ने कहा कि परीक्षा कार्यक्रम अक्टूबर में जारी किया जा सकता है तथा 30 सितंबर तक प्राप्त सभी अधियाचनाओं (संबंधित विभागों से प्राप्त रिक्तियों की संख्या) को इसमें शामिल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यदि आवेदकों की संख्या पांच लाख से कम रही तो परीक्षा तीन चरणों में और इससे अधिक होने पर छह चरणों में आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान 10 से 15 मिनट अतिरिक्त समय देने का प्रस्ताव विचाराधीन है तथा टीआरई-4 में वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे।

आवास नीति के सवाल पर सिंह ने कहा कि यह राज्य सरकार का विषय है और आयोग इस पर निर्णय नहीं ले सकता। उन्होंने हालांकि कहा कि बीपीएससी की परीक्षाओं में लगभग 72 प्रतिशत अभ्यर्थी बिहार के ही होते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि सहायक अभियंता भर्ती परीक्षा का मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण परिणाम अब तक जारी नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि मामले के शीघ्र निष्पादन का प्रयास किया जा रहा है और अदालत का फैसला आने के बाद परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।

भाषा कैलाश

राजकुमार

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