बांकीपुर के युवाओं को दो साल में 10 हजार निजी नौकरियां दिलाएंगे: प्रशांत किशोर

बांकीपुर के युवाओं को दो साल में 10 हजार निजी नौकरियां दिलाएंगे: प्रशांत किशोर

बांकीपुर के युवाओं को दो साल में 10 हजार निजी नौकरियां दिलाएंगे: प्रशांत किशोर
Modified Date: August 11, 2026 / 08:34 pm IST
Published Date: August 11, 2026 8:34 pm IST

पटना, 11 अगस्त (भाषा) जन सुराज के संस्थापक और हाल में बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट से निर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने मंगलवार को कहा कि वह अगले दो वर्षों में अपने विधानसभा क्षेत्र के कम से कम 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने की व्यवस्था करेंगे।

किशोर बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में निर्वाचित हुए हैं।

यह सीट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद विधायक पद से इस्तीफा देने के कारण रिक्त हुई थी।

किशोर ने बांकीपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘अगर आपका बच्चा पढ़ा-लिखा है लेकिन बेरोजगार है तो उसका सीवी हमारे कार्यालय में जमा करें। हम अगले दो वर्षों में कम से कम 10 हजार बच्चों को नौकरी दिलाएंगे। देशभर में मेरे बड़े संपर्क हैं और अतीत में जिन लोगों की मैंने मदद की है, उनके माध्यम से मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में नौकरी मिले।’’

उन्होंने कहा कि बिहार में जन सुराज की सरकार बनने के बाद राज्य के भीतर ही रोजगार उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी लेकिन फिलहाल युवाओं को बिहार के साथ-साथ राज्य के बाहर भी रोजगार के अवसर तलाशने होंगे।

बांकीपुर से विधायक ने कहा कि रोजगार उपलब्ध कराने के अलावा वह शिक्षा व्यवस्था में सुधार, जरूरतमंदों को खाद्यान्न और सामाजिक सुरक्षा पेंशन उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम करेंगे।

किशोर ने कहा, ‘‘एक साल के भीतर सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता इतनी बेहतर की जाएगी कि लोग अपने बच्चों का दाखिला वहां कराने लगें। अगर ऐसा नहीं हुआ तो निजी विद्यालयों में बच्चों का दाखिला कराने और उनकी फीस भरने की जिम्मेदारी प्रशांत किशोर की होगी।’’

उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर और झारखंड में प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की।

किशोर ने कहा, ‘‘नयी दिल्ली और झारखंड, दोनों जगह लाठीचार्ज हुआ लेकिन सरकारें लाठी के डर से युवाओं को डरा नहीं सकतीं। एक अंदरूनी ताकत है, जो अगर समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हुआ तो लगातार फैलती जाएगी।’’

भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र


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