मुंबई, 23 जुलाई (भाषा) मध्य मुंबई के शिवाजी पार्क मैदान में बृहस्पतिवार को छात्रों और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीर्फ की मांग की।
हालांकि, कुछ समय बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कोशिश की और इस दौरान कुछ युवा गिर पड़े।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के एक नेता ने दावा किया कि चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट)के प्रश्नपत्र लीक मामले में प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शिवाजी पार्क में हस्ताक्षर अभियान चलाने वाले उनके कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने बिना किसी उकसावे के दुर्व्यवहार किया और कई लोगों को हिरासत में ले लिया।
मनसे नेता संदीप देशपांडे ने कहा कि इस अभियान के लिए बड़ी संख्या में छात्र तिरंगा और तख्तियां लेकर वहां पहुंचे।
उन्होंने दावा किया कि युवाओं ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया और नारे लगाए, और पुलिस द्वारा कार्रवाई का कोई कारण नहीं था।
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में पुलिस प्रदर्शनकारियों को खदेड़ती हुई दिखाई दी। अफरातफरी के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी लड़खड़ाकर गिर पड़े।
हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को शिवाजी पार्क पुलिस थाना ले जाया गया और बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि कुछ छात्रों को वर्ली पुलिस थाना ले जाया गया था, लेकिन पार्टी नेताओं के दखल के बाद उन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
भाषा धीरज रंजन
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