छात्रों को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने वाला पुलिसकर्मी हटाया गया, जांच के आदेश

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छात्रों को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने वाला पुलिसकर्मी हटाया गया, जांच के आदेश

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  • Publish Date - July 23, 2026 / 08:38 PM IST,
    Updated On - July 23, 2026 / 08:38 PM IST

मुंबई, 23 जुलाई (भाषा) मुंबई पुलिस ने बृहस्पतिवार को अपने उस वाहन चालक को ड्यूटी से हटा दिया और उसके खिलाफ जांच के आदेश दिए, जो सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में प्रदर्शनकारी छात्रों को धमकाते दिख रहा है। वीडियो में चालक को दो युवकों को धमकाते हुए दिखाया गया है कि यदि वे दोबारा प्रदर्शन करने लौटे तो उन्हें मादक पदार्थ से संबंधित झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा।

इस वायरल वीडियो पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और कांग्रेस ने राज्य सरकार पर लोकतांत्रिक आवाज दबाने के लिए ‘खाकी में गुंडागर्दी’ करने का आरोप लगाया है।

गृह मंत्रालय संभाल रहे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिसकर्मी के इस कृत्य की निंदा करते हुए इसे ‘बिल्कुल गलत’ बताया।

उन्होंने कहा कि संबंधित कर्मचारी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की गई है और मामले की जांच की जा रही है।

सोशल मीडिया पर सामने आए 25 सेकंड के इस वीडियो में एक पुलिस वाहन चालक हिरासत में लिये गए दो युवकों से यह कहता नजर आ रहा है कि अगर वे दोबारा प्रदर्शन में शामिल हुए तो उन्हें मादक पदार्थों के झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा।

वीडियो में चालक छात्रों से यह कहते सुना जा रहा है, ‘अगर तुम मुझे फिर यहां मिले, तो मैं तुम्हारी जेब में 50 ग्राम ‘पाउडर’ डाल दूंगा। तुम्हें जमानत नहीं मिलेगी और तुम्हारी पूरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। तुम लोगों की वजह से हमें बहुत परेशानी हो रही है।’

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है।

अधिकारी ने कहा, ‘तथ्यों की पुष्टि करने के बाद, जांच पूरी होने तक संबंधित चालक को उसकी मौजूदा तैनाती से हटा दिया गया है।’

इस वीडियो की महाराष्ट्र कांग्रेस ने कड़ी निंदा की है और पूरी पुलिस व्यवस्था के व्यवहार की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

मुंबई कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, ‘अगर यह सच है, तो यह न केवल छात्रों को डराने का प्रयास है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है। छात्रों के सवालों का जवाब जवाबदेही से दिया जाना चाहिए, धमकियों से नहीं।’

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इन धमकियों को ‘लोकतंत्र पर काला धब्बा’ करार देते हुए कहा कि युवाओं की आवाज दबाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाना चरम दमन को दर्शाता है।

इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने पत्रकारों से कहा, ‘पुलिसकर्मी का यह कृत्य पूरी तरह गलत है। हम इसकी निंदा करते हैं। संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की गई है और मामले की जांच की जा रही है।’

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे वीडियो भी सामने आए हैं जिनमें प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले होते दिख रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘कुछ लोग पत्थरबाज़ी कर रहे थे और पुलिसकर्मियों पर हमले कर रहे थे। वे छात्रों की मांगों के लिए नहीं, बल्कि प्रदर्शन का फायदा उठाकर अराजकता फैलाने आए थे। आयोजकों को ऐसे तत्वों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।’

नयी दिल्ली में जारी छात्र आंदोलन के समर्थन में मुंबई में पिछले कुछ दिनों से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं।

भाषा सुमित सुरेश

सुरेश