Bihar Cabinet Decision: नदी जल बंटवारे के विवाद को सुलझाने के लिए दोनों राज्यों के बीच बनी सहमति को मंजूरी, 43 अहम प्रस्तावों को मिली स्वीकृति
Bihar Cabinet decision: मंत्रिमंडल की बैठक में सोन नदी जल बंटवारे के विवाद को सुलझाने के लिए बिहार और झारखंड के बीच बनी सहमति को मंजूरी प्रदान कर दी।
Bihar Cabinet Decision
- बिहार और झारखंड के बीच संपन्न होने वाले करार के प्रारूप को स्वीकृति
- शहर में भूमिगत केबलिंग के जरिए घरों तक बिजली आपूर्ति
- ऋण के लिए राजकीय गारंटी प्रदान करने का निर्णय
PATNA NEWS: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सोन नदी जल बंटवारे के विवाद को सुलझाने के लिए बिहार और झारखंड के बीच बनी सहमति को मंजूरी प्रदान कर दी। (Nitish Cabinet Ke Faisle) अधिकारियों ने यह जानकारी दी। (bihar cabinet decision) उन्होंने बताया कि इसके अलावा बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 43 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि वर्ष 1973 में हुए बाणसागर समझौते के तहत अविभाजित बिहार को 7.75 मिलियन एकड़ फुट जल आवंटित हुआ था (Bihar Cabinet Decision) वर्ष 2000 में राज्य विभाजन के बाद झारखंड द्वारा जल बंटवारे की मांग उठाई जाती रही, जिसके कारण बिहार की इंद्रपुरी जलाशय परियोजना पर सहमति नहीं बन पा रही थी।
बिहार और झारखंड के बीच संपन्न होने वाले करार के प्रारूप को स्वीकृति
उन्होंने बताया कि 10 जुलाई 2025 को रांची में हुई पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में विचार-विमर्श के बाद दोनों राज्यों के बीच यह सहमति बनी कि अविभाजित बिहार के हिस्से के 7.75 मिलियन एकड़ फुट जल में से 5.75 मिलियन एकड़ फुट जल बिहार को और 2.00 मिलियन एकड़ फुट जल झारखंड को मिलेगा। चौधरी के मुताबिक, बिहार और झारखंड के बीच संपन्न होने वाले करार के प्रारूप को आज मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रदान कर दी। (bihar cabinet decision)इस निर्णय से वर्षों से लंबित इंद्रपुरी जलाशय परियोजना के कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त होगा और भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, पटना, गया तथा अरवल जिलों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
पटना शहर में भूमिगत केबलिंग के जरिए घरों तक बिजली आपूर्ति
Bihar Cabinet Decision अपर मुख्य सचिव ने बताया कि मंत्रिमंडल ने पटना शहर में भूमिगत केबलिंग के जरिए घरों तक बिजली आपूर्ति की परियोजना को भी मंजूरी दे दी है। (bihar cabinet decision)उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर कुल 653 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना के तहत पेसू के अंतर्गत 13 प्रमंडलों में भूमिगत केबलिंग के माध्यम से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
चौधरी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने 789 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक सरकारी विद्यालयों के लिए वर्ष 2025-26 के लिए 14 अरब 85 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। (bihar cabinet decision)उनके मुताबिक, इस राशि से केंद्र प्रायोजित ‘पीएम श्री’ योजना के अंतर्गत चयनित विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप छठी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों में आधुनिक शिक्षण कौशल, नवाचार और तकनीकी साक्षरता को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने आनंद विवाह अधिनियम, 1909 (संशोधित 2012) के अंतर्गत बिहार में आनंद कारज रीति से संपन्न विवाह के के लिए “बिहार आनंद कारज विवाह निबंधन नियमावली, 2025” को भी स्वीकृति दी। अधिकारी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने मुंबई में बिहार भवन के निर्माण कार्य के लिए 314.20 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।
ऋण के लिए राजकीय गारंटी प्रदान करने का निर्णय
वहीं, खरीफ विपणन मौसम 2025-26 और रबी विपणन मौसम 2026-27 में अधिप्राप्ति कार्य के लिए बिहार राज्य सहकारी बैंक को राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नाबार्ड एवं अन्य वित्तीय संस्थानों से कुल 7,000 करोड़ रुपये ऋण प्राप्त करने तथा इस ऋण पर जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों और सहकारी संस्थाओं को दिए जाने वाले ऋण के लिए राजकीय गारंटी प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
चौधरी ने बताया कि दरभंगा हवाई अड्डा के समीप लॉजिस्टिक पार्क एवं कार्गो हब के निर्माण के लिए चिन्हित करीब 50 एकड़ भूमि के अधिग्रहण के लिए अनुमानित 138 करोड़ 82 लाख 88 हजार रुपये की मुआवजा राशि को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। (bihar cabinet decision)उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त पटना उच्च न्यायालय के अदालत प्रबंधक के वेतनमान को स्तर-13 से घटाकर स्तर-9 करने तथा राज्य के व्यवहार न्यायालयों के अदालत प्रबंधक के वेतनमान को संशोधित कर स्तर-8 में परिवर्तित करने की स्वीकृति दी गई है।
अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को 30 करोड़ रुपये अग्रिम में देने का निर्णय
अधिकारी के मुताबिक, बिहार राज्य के अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को राज्य आकस्मिकता निधि से 30 करोड़ रुपये अग्रिम में देने का निर्णय लिया गया है। साथ ही उच्च न्यायालय में मानदेय एवं संविदा के आधार पर चार विधि सहायक पदों के सृजन तथा पूर्व से सृजित 45 विधि लिपिक पदों का पदनाम बदलकर विधि सहायक करने की मंजूरी भी दी गई है।
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