बिहार के मुख्यमंत्री, सांसदों, मंत्रियों ने बाढ़ राहत के लिए एक माह का वेतन दान दिया

बिहार के मुख्यमंत्री, सांसदों, मंत्रियों ने बाढ़ राहत के लिए एक माह का वेतन दान दिया

बिहार के मुख्यमंत्री, सांसदों, मंत्रियों ने बाढ़ राहत के लिए एक माह का वेतन दान दिया
Modified Date: September 19, 2026 / 08:59 pm IST
Published Date: September 19, 2026 8:59 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

पटना, 19 सितंबर (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को राज्य में बाढ़ पीड़ितों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में एक महीने का वेतन दान किया।

राज्य में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए कई अन्य सांसदों और मंत्रियों ने भी इसी तरह का योगदान दिया।

एक दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने घोषणा की थी कि वह बाढ़ पीड़ितों के लिए राज्यसभा सदस्य के तौर पर तीन माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर रहे हैं।

चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘मुख्यमंत्री के तौर पर, मैं बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राहत कोष में एक माह का वेतन दे रहा हूं।’’

भोजपुरी फिल्मों में लंबे समय तक गायन और अभिनय कर चुके भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने भी घोषणा की है कि वह इस कोष में दो माह का वेतन देंगे।

बिहार के कई अन्य मंत्रियों, सांसदों एवं विधायकों ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए चौधरी को एक-एक माह के वेतन के चेक सौंपे।

चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष जरूरतमंद लोगों की मदद करने का एक अहम जरिया है। उन्होंने कहा कि समाज के आर्थिक रूप से सक्षम सदस्यों की भागीदारी से राहत एवं मदद के प्रयासों को और भी असरदार बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं सांसदों, विधायकों और मंत्रियों समेत राजग के अपने सभी सहयोगियों का धन्यवाद करता हूं। उन सभी ने अपनी तनख्वाह मुख्यमंत्री राहत कोष में दी है। निजी निकायों और उद्योग समूहों एवं अन्य लोगों ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान दिया है। मैं सभी के सहयोग और योगदान के लिए उनका धन्यवाद करता हूं।’’

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बिहार में बाढ़ के गंभीर हालात हैं और 15 जिलों में लगभग 49.72 लाख लोग इसकी विभीषिका झेल रहे हैं।

राज्य में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय और बक्सर प्रभावित जिले हैं।

विभाग ने बताया कि गंगा, कोसी, पुनपुन, बूढ़ी गंडक, बागमती और घाघरा नदियां कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

प्रशासन ने बताया कि प्रभावित इलाकों में 303 सामुदायिक रसोई और सात राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां लगभग 9,003 लोगों को खाना, आश्रय, मेडिकल सुविधा और दूसरी जरूरी सेवाएं दी जा रही हैं।

इससे पहले, भाजपा की बिहार इकाई ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये दान किए थे।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने शुक्रवार को चौधरी को चेक सौंपा तथा कहा कि राज्य के सभी भाजपा सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य राहत एवं पुनर्वास कार्यों में मदद के लिए अपनी एक माह का वेतन देंगे।

सरावगी ने बाढ़ पीड़ितों की मदद को सामूहिक ज़िम्मेदारी बताते हुए कहा, ‘‘मुश्किल की इस घड़ी में भाजपा का हर कार्यकर्ता प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है।’’

मंगलवार को चौधरी ने बाढ़ से प्रभावित 8.27 लाख परिवारों को राहत सहायता के तौर पर 579.23 करोड़ रुपये अंतरित किए थे। अधिकारियों ने बताया कि हर पात्र परिवार को 7,000 रुपये दिए गए।

भाषा राजकुमार सुरेश

सुरेश


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