नीतीश ने अपनी इच्छा से छोड़ा था मुख्यमंत्री पद, भाजपा ने नहीं कहा था : सम्राट चौधरी

नीतीश ने अपनी इच्छा से छोड़ा था मुख्यमंत्री पद, भाजपा ने नहीं कहा था : सम्राट चौधरी

नीतीश ने अपनी इच्छा से छोड़ा था मुख्यमंत्री पद, भाजपा ने नहीं कहा था : सम्राट चौधरी
Modified Date: September 18, 2026 / 11:32 pm IST
Published Date: September 18, 2026 11:32 pm IST

पटना, 18 सितंबर (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि उनके पूर्ववर्ती एवं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने अपनी इच्छा से मुख्यमंत्री पद छोड़ा था और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्हें ऐसा करने के लिए नहीं कहा था।

चौधरी ने यह भी दोहराया कि राज्यसभा सदस्य बन चुके नीतीश कुमार बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के ‘‘निर्विवाद नेता’’ बने हुए हैं।

राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री चौधरी ने यहां एक मीडिया समूह द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘नीतीश कुमार ने अपनी इच्छा से पद छोड़ा। हमने उनसे ऐसा नहीं कहा था। उन्होंने स्वयं स्वीकार किया कि जब भाजपा के पास उनकी पार्टी से अधिक विधायक थे, तब अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें पहली बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया था और अब वह उसी सद्भाव का प्रत्युत्तर देना चाहते थे।’’

चौधरी का संकेत वर्ष 2000 की उस घटना की ओर था, जब त्रिशंकु विधानसभा के बाद तत्कालीन समता पार्टी के नेता नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन राजग बहुमत साबित नहीं कर पाने के कारण एक सप्ताह के भीतर इस्तीफा देना पड़ा था।

भाजपा की ओर से नीतीश कुमार को हमेशा मिले ‘‘सहयोग’’ का उल्लेख करते हुए चौधरी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा, ‘‘लालू जी भी भाजपा के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बने थे। उस दौर के लोग यह भी जानते हैं कि ऐसा करते हुए दलित नेता रामसुंदर दास का उचित दावा छिन गया था।’’

वर्ष 1990 में जनता दल की सरकार भाजपा के बाहरी समर्थन से बनी थी। उस समय मुख्यमंत्री पद की दौड़ में रामसुंदर दास भी शामिल थे, लेकिन विधायक दल के चुनाव में वह लालू प्रसाद से मामूली अंतर से हार गए थे।

चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा उन्हें ‘‘चुना हुआ नहीं, चुना गया नेता’’ कहकर तंज कसने पर भी पलटवार किया।

उन्होंने बिना नाम लिए कहा, ‘‘उन्हें याद रखना चाहिए कि उनकी माता भी पहली बार मुख्यमंत्री बनने पर जनता द्वारा निर्वाचित नहीं थीं। उनकी पार्टी ने भी पहले से यह घोषणा नहीं की थी कि उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा।’’

भाषा कैलाश शोभना

शोभना


लेखक के बारे में