बिहार: नीतीश कुमार ने 21 लाख महिलाओं के खाते में भेजे 2,100 करोड़ रुपए

बिहार: नीतीश कुमार ने 21 लाख महिलाओं के खाते में भेजे 2,100 करोड़ रुपए

बिहार: नीतीश कुमार ने 21 लाख महिलाओं के खाते में भेजे 2,100 करोड़ रुपए
Modified Date: October 6, 2025 / 03:30 pm IST
Published Date: October 6, 2025 3:30 pm IST

पटना, 6 अक्टूबर (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत 21 लाख लाभार्थी महिलाओं के खातों में कुल 2,100 करोड़ रुपये की राशि का अंतरण किया।

नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री आवास ‘1, अणे मार्ग’ स्थित ‘संकल्प’ सभागार में एक कार्यक्रम के दौरान यह राशि लाभार्थियों के खातों में भेजी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 26 सितंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में इस योजना की शुरुआत की थी और इस दौरान राज्य की 75 लाख महिला लाभार्थियों को 7,500 करोड़ रुपए की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से दी गई थी।

इस योजना के तहत लाभार्थियों को 10-10 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है।

मुख्यमंत्री ने इसके बाद तीन अक्टूबर को 25 लाख महिलाओं के खातों में 2,500 करोड़ रुपए की राशि भेजी थी।

सोमवार को हुए अंतरण के साथ अब तक कुल 1.21 करोड़ महिला लाभार्थियों के खातों में 10,000 करोड़ रुपए की राशि पहुंचाई जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ का उद्देश्य प्रत्येक परिवार की एक महिला को उसकी पसंद के अनुसार रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता देना है।

उन्होंने कहा, “योजना के तहत प्रारंभिक सहायता के रूप में 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। रोजगार शुरू करने के बाद मूल्यांकन कर दो लाख रुपए तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। मुझे विश्वास है कि इस योजना से महिलाओं की स्थिति मजबूत होगी और राज्य में रोजगार के नए अवसर बनेंगे। महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और इससे राज्य व देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।”

इस अवसर पर ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने पौधा भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

बांका जिले की ‘शीतला जीविका समूह’ से जुड़ी लाभार्थी ललिता सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ीं और उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने अनुभव साझा किया।

भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र


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