पटना/किशनगंज। Bihar DSP Gautam Kumar: बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए किशनगंज के पूर्व डीएसपी गौतम कुमार को निलंबित कर दिया है। इस संबंध में सरकार की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में गौतम कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला सामने आया था, जिसके बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया। जांच में उनके पास करीब 80 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति होने का खुलासा हुआ है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, डीएसपी ने अपने नाम के अलावा पत्नी, सास, महिला मित्रों और अन्य लोगों के नाम पर भी संपत्तियां खरीदी थीं। छापेमारी के दौरान ऐसे दस्तावेज और साक्ष्य मिले हैं, जिनसे पता चला कि उन्होंने अपनी आय से लगभग 60 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है। 31 मार्च को EOU की टीम ने किशनगंज, पटना और पूर्णिया सहित कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इसके बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। टीम अब किशनगंज के अलावा सिलीगुड़ी और नेपाल सीमा से सटे इलाकों में भी जांच कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, सिलीगुड़ी में फ्लैट और अन्य संपत्तियों के सुराग मिले हैं, जिनकी जांच के लिए टीम वहां पहुंच चुकी है। वहीं, किशनगंज और आसपास के क्षेत्रों में भी कथित महिला परिचितों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों का आकलन किया जा रहा है। जांच में पश्चिम बंगाल के एक होटल संचालक का नाम भी सामने आया है, जिसके संबंधों और संपत्तियों की पड़ताल की जा रही है। इसके अलावा अररिया जिले के फारबिसगंज क्षेत्र में जमीन खरीद और हाल ही में कराई गई चारदीवारी को लेकर भी जांच जारी है। पूरे मामले में नेपाल कनेक्शन भी सामने आया है, जिसकी दिशा में जांच एजेंसियां साक्ष्य जुटा रही हैं। EOU अब इस नेटवर्क से जुड़े लोगों से पूछताछ की तैयारी में है, ताकि बेनामी संपत्तियों के पूरे जाल का खुलासा किया जा सके।
Bihar DSP Gautam Kumar: गौतम की शादी पूर्णिया के मधुबनी मोहल्ला में रहने वाली रूबी कश्यप से हुई थी। शादी के बाद 1999 में रूबी सरकारी टीचर बनीं। अभी पूर्णिया सदर के मिडिल स्कूल में तैनात हैं। इन दोनों के तीन बेटे सिद्धार्थ गौतम, सिद्धांत गौतम और राघव कश्यप हैं। शादीशुदा होने के बाद भी गौतम की एक प्रेमिका है। उसने पूर्णिया के लाइन बाजार में झंडा चौक के आशियाना कॉलोनी में रहने वाली गर्लफ्रेंड शगुफ्ता शमीम पर खूब पैसे खर्च किए। EOU की जांच में अब तक 25 प्रॉपर्टी खरीदे जाने के सबूत मिले हैं। इनमें से 16 प्रॉपर्टी का जिक्र FIR में है। उसने पत्नी के नाम 4, बेटे सिद्धार्थ के नाम पर 1, सास पूनम देवी के नाम पर 3 और महिला दोस्त के नाम से 7 प्रॉपर्टी खरीदी थी। शगुफ्ता के नाम से खरीदी गई सभी 7 जमीन NH पर है। जांच एजेंसी का दावा है कि इन जमीनों की कीमत करोड़ों रुपए है। शातिराना खेल खेलते हुए डीएसपी ने बेहद कम कीमत में इनकी रजिस्ट्री कराई है। इन जमीनों को खरीदने के लिए काली कमाई के कैश रुपए का इस्तेमाल हुआ है।
जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार गौतम ने काली कमाई करने के लिए माफियाओं के साथ सांठगांठ कर रखी थी। लंबे समय से उसका तगड़ा कनेक्शन बॉर्डर वाले इलाके के शराब माफिया, कोल माफिया, एंट्री माफिया और अलग-अलग सामानों की स्मगलिंग करने वालों से रहा है। डीएसपी रहते हुए वह पिछले कई सालों से माफियाओं को संरक्षण दे रहा था। गौतम को 2023 में किशनगंज का SDPO-1 बनाया गया था। करीब तीन साल से इसकी पोस्टिंग वहीं थी। किशनगंज की सीमा पश्चिम बंगाल और नेपाल से लगती है। यहां शराब से लेकर कई तरह के कीमती सामानों की स्मग्लिंग होती है। आरोप है बॉर्डर पार कराने के लिए माफियाओं से हर काम के एवज में गौतम को मोटी रकम मिलती थी।