बिहार: मंत्री राम कृपाल यादव ने रोहिणी के आरोपों को लेकर तेजस्वी पर साधा निशाना

बिहार: मंत्री राम कृपाल यादव ने रोहिणी के आरोपों को लेकर तेजस्वी पर साधा निशाना

बिहार: मंत्री राम कृपाल यादव ने रोहिणी के आरोपों को लेकर तेजस्वी पर साधा निशाना
Modified Date: November 20, 2025 / 08:28 pm IST
Published Date: November 20, 2025 8:28 pm IST

पटना, 20 नवंबर (भाषा) बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के आरोपों को लेकर बृहस्पतिवार को तेजस्वी यादव पर निशाना साधा।

राजद के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे और 2014 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए राम कृपाल यादव ने नई नीतीश कुमार सरकार में मंत्री पद की शपथ लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत की।

दानापुर से विधायक यादव ने कहा, “उन्होंने (तेजस्वी यादव) महिलाओं को ‘माई-बहन योजना’ का लालच देकर रिझाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उन पर विश्वास नहीं किया। मतदाताओं ने समझ लिया कि वह किस प्रकार के व्यक्ति हैं।”

उन्होंने कहा, “मैं परिवारिक मामलों पर बोलना नहीं चाहता, लेकिन जो व्यक्ति अपनी बहन से ही बुरा व्यवहार करता है, उसे महिलाओं के सशक्तीकरण पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है।”

चुनाव परिणाम आने के अगले दिन रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया था कि पार्टी की हार पर जवाबदेही तय करने की मांग करने पर तेजस्वी और उनके दो करीबी सहयोगियों ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया।

सिंगापुर स्थित एक निवेश बैंकर से विवाहित आचार्य ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अपने पिता लालू प्रसाद को ‘‘गंदी किडनी’’ देने की एवज में ‘‘करोड़ों रुपए और टिकट’’ की मांग करने का ताना मारा गया।

रोहिणी (47) ने यह भी दावा किया था कि जब उन्होंने अपने छोटे भाई और उसके दो सहयोगियों की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए तो उन पर चप्पल तक उठाई गई।

राम कृपाल यादव ने तेजस्वी के उस वादे का भी मजाक उड़ाया, जिसमें उन्होंने कहा था, ‘‘हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी’’ मिलेगी।

मंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से ‘जमीन के बदले नौकरी’ घोटाले का जिक्र करते हुए कहा, “इरादा शायद नौकरी देने के नाम पर रिश्वत मांगने का रहा होगा, लेकिन जनता ने उन्हें मौका नहीं दिया।”

लोकसभा चुनाव में मीसा भारती से पाटलिपुत्र सीट हारने के एक साल बाद विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर मंत्री पद की शपथ लेने वाले राम कृपाल यादव ने कहा कि उन्हें ‘‘संसद के दोनों सदनों और राज्य विधानसभा, तीनों में सदस्य रहने का’’ सम्मान मिला है।

उन्होंने कहा, “मैंने राजनीतिक सफर पटना नगर निगम के सदस्य के रूप में शुरू किया था और आज भी शहर के हर फेरी वाले और रिक्शा चालक के लिए उतना ही सुलभ हूं। मेरी पार्टी ने मुझे नई जिम्मेदारी दी है और मैं इसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा।”

यादव ने कई बार पटना लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया है, जिसे 2008 के परिसीमन के बाद पटना साहिब और पाटलिपुत्र में विभाजित कर दिया गया था।

भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र


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