पटना, नौ जनवरी (भाषा) बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं ने शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत के उस आदेश का स्वागत किया, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ जमीन के बदले नौकरी मामले में आरोप तय करने का निर्देश दिया गया है।
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि यादव ने रेल मंत्रालय को अपनी निजी जागीर की तरह इस्तेमाल किया ताकि वह एक आपराधिक गतिविधि को अंजाम दे सकें। उन्होंने कहा कि इसमें सरकारी नौकरी को सौदेबाजी के हथियार के रूप में इस्तेमाल करके यादव परिवार ने रेलवे अधिकारियों और अपने करीबी सहयोगियों की मिलीभगत से जमीन हासिल की।
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष संजय सरावगी ने एक बयान में कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और जो भ्रष्टाचार करेगा, घोटाला करेगा आदालत उसके खिलाफ आरोप तय करेगा और उचित फैसला लेगा।
संवाददाताओं से बात करते हुए जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधान पार्षद नीरज कुमार ने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद का परिवार संगठित आपराधिक समूह की तरह काम कर रहा था।
उन्होंने कहा, ‘‘हम न्यायपालिका से अपेक्षा करते हैं कि वह सुनवाई में तेजी लाए और उनकी संपत्तियों को जब्त करे। वहां अनाथालय, विधवा आश्रयगृह और ईबीसी छात्रों के लिए छात्रावास बनाए जाने चाहिए, ताकि यह संदेश जाए कि राजनीति संगठित आपराधिक समूह चलाने का व्यवसाय नहीं है।’’
बिहार सरकार में मंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि लालू प्रसाद और उनके परिवार को अदालत के आदेशों व निर्देशों का पालन करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘ लालू जी और उनके परिवार को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया। जांच एजेंसी द्वारा पेश साक्ष्यों के आधार पर और दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला दिया है। लालू प्रसाद को अदालत के निर्देशों का पालन करना चाहिए।’’
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद का परिवार राजनीति का इस्तेमाल भ्रष्टाचार के हथियार के रूप में करता है और बिहार के गरीबों सहित आम लोगों को लूटकर संपत्ति जमा करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘अदालत के आदेश से स्पष्ट है कि लालू प्रसाद का परिवार संगठित आपराधिक समूह की तरह काम कर रहा था। हम मांग करते हैं कि उनकी विदेश में मौजूद संपत्तियों की भी जांच की जाए।’’
वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां केंद्र सरकार की मिलीभगत से राजनीतिक प्रतिशोध के तहत काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मामला बहुत पहले बंद हो चुका था, लेकिन लालू प्रसाद और उनके परिवार को परेशान करने के लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर प्रवर्तन एजेंसियों ने इसे फिर से खोला।’’
तिवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा लालू प्रसाद और राजद से राजनीतिक रूप से मुकाबला करने में असमर्थ है, इसलिए वह जांच एजेंसियों के दुरुपयोग कर रही है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी ‘‘न्याय मिलने तक कानूनी लड़ाई जारी रखेगी।’’ भाषा कैलाश मनीषा शोभना
शोभना