बिहार: आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के परिसरों पर छापेमारी
बिहार: आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के परिसरों पर छापेमारी
पटना, 11 अगस्त (भाषा) बिहार सरकार की विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में लघु जल संसाधन विभाग के बांका प्रमंडल में कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के पटना, बांका और वैशाली स्थित पांच परिसरों पर मंगलवार को छापेमारी की।
इकाई की ओर से जारी बयान के अनुसार, हरेंद्र कुमार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई थाने में 10 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
इकाई के मुताबिक, कुमार की संपत्ति सरकारी वेतन और अन्य ज्ञात स्रोतों से प्राप्त आय की तुलना में काफी अधिक पाई गई है।
एक बयान के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान प्रथम दृष्टया हरेंद्र कुमार के पास 2.20 करोड़ रुपये से अधिक की आय से अधिक संपत्ति होने की बात सामने आई है।
इकाई ने बताया कि कुमार के खिलाफ तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद अलग-अलग टीमों ने पटना के महावीर नगर स्थित जनक नंदिनी अपार्टमेंट, फुलवारीशरीफ स्थित एक अपार्टमेंट, वैशाली जिले के पातेपुर स्थित पैतृक आवास और बांका स्थित कार्यालय समेत अन्य ठिकानों पर छापेमारी की।
विशेष निगरानी इकाई ने बताया कि छापेमारी के दौरान आरोपी और उनकी पत्नी कुमारी सोनी के नाम से एक अतिरिक्त फ्लैट व भूखंड समेत अचल संपत्तियों से संबंधित आठ दस्तावेज बरामद किए गए।
इकाई ने बताया कि बरामद किये गये दस्तावेजों में पटना के बेउर चौराहा व महावीर नगर, वैशाली के पातेपुर, पटना के संपतचक, दानापुर और मीठापुर सहित अन्य स्थानों की संपत्तियां शामिल हैं।
बयान में बताया गया कि छापेमारी के दौरान पटना स्थित जनक नंदिनी अपार्टमेंट के फ्लैट से 9.50 लाख रुपये नकद और करीब 81 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए।
बयान के मुताबिक, इसके अलावा महंगी वस्तुओं की खरीद से संबंधित कई वाउचर और बिल भी मिले।
इकाई ने बताया कि पातेपुर स्थित कुमार के पैतृक आवास से 3.42 लाख रुपये नकद और जमीन से संबंधित दो दस्तावेज बरामद किए गए।
इकाई के मुताबिक, हरेंद्र कुमार और उनकी पत्नी के नाम से भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और बंधन बैंक में कुल पांच बैंक खातों की जानकारी भी मिली है।
इकाई ने बताया कि मामले की जांच जारी है और छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों एवं अन्य संपत्तियों का सत्यापन किया जा रहा है।
भाषा कैलाश जितेंद्र
जितेंद्र

Facebook


