जन धन खातों और जमा राशि के मामले में बिहार देश में दूसरे स्थान पर, 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक जमा

जन धन खातों और जमा राशि के मामले में बिहार देश में दूसरे स्थान पर, 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक जमा

जन धन खातों और जमा राशि के मामले में बिहार देश में दूसरे स्थान पर, 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक जमा
Modified Date: June 15, 2026 / 10:09 pm IST
Published Date: June 15, 2026 10:09 pm IST

पटना, 15 जून (भाषा) प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत खातों की संख्या और उनमें जमा राशि के मामले में बिहार देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। राज्य में जन धन खातों में जमा राशि 30,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आंकड़ों से यह जानकारी मिली।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार बिहार में जन धन योजना के तहत 6.87 करोड़ खाते हैं, जो देश में उत्तर प्रदेश के बाद दूसरे स्थान पर है। इन खातों में जमा राशि 30,000 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज की गई है।

उत्तर प्रदेश 10.32 करोड़ जन धन खातों और लगभग 64,000 करोड़ रुपये की जमा राशि के साथ इस सूची में पहले स्थान पर है।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्तर पर अप्रैल 2026 तक प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत कुल जमा राशि 3.09 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुकी है, जबकि खातों की कुल संख्या बढ़कर 58.06 करोड़ हो गई है। इससे संकेत मिलता है कि ये खाते अब केवल शून्य-बैलेंस खाते नहीं रह गए हैं, बल्कि सक्रिय बचत खातों के रूप में उपयोग किए जा रहे हैं।

बिहार में बैंकों के बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) एजेंट घर-घर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं, जिनमें जमा, निकासी और धन प्रेषण (रिमिटेंस) जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इससे लोगों की बैंक शाखाओं पर निर्भरता कम हुई है। इस व्यवस्था ने निष्क्रिय खातों को सक्रिय बनाने और विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बचत को बढ़ावा देने में मदद की है।

उल्लेखनीय है कि बीसी बैंक के अधिकृत प्रतिनिधि होते हैं, जो गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं लोगों तक पहुंचाते हैं।

बीएलएस ई-सर्विसेज लिमिटेड के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) लोकनाथ पांडा ने कहा कि बिहार में खातों की गतिविधियों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्राहक बचत और लेन-देन के लिए औपचारिक बैंकिंग माध्यमों का अधिक उपयोग कर रहे हैं तथा खातों में बढ़ती जमा राशि वित्तीय जागरूकता और बैंकिंग प्रणाली के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।

आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल भी लगभग 30,000 करोड़ रुपये की जमा राशि और 5.64 करोड़ खातों के साथ बिहार के करीब है। इसके बाद राजस्थान में 24,000 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र में 22,000 करोड़ रुपये और मध्य प्रदेश में 19,000 करोड़ रुपये की जमा राशि दर्ज की गई है।

कर्नाटक, ओडिशा, झारखंड और गुजरात में जन धन खातों में जमा राशि 13,000 करोड़ रुपये से 15,000 करोड़ रुपये के बीच दर्ज की गई है, जो विभिन्न राज्यों में वित्तीय समावेशन के विस्तार को दर्शाती है।

भाषा कैलाश सुरभि

सुरभि


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