पटना, 20 सितंबर (भाषा) थाईलैंड के 28-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर का दौरा किया।
यह दौरा बिहार पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित परिचयात्मक यात्रा का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के बीच राज्य की बौद्ध विरासत को बढ़ावा देना है।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल महाबोधि मंदिर में पूजा की और बोधि वृक्ष के दर्शन किए।
मान्यता है कि इसी स्थान पर भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।
बिहार पर्यटन निदेशक उदयन मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार बौद्ध सर्किट से जुड़े स्थलों के विकास और प्रचार पर ध्यान केंद्रित कर रही है तथा अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए सुविधाओं एवं अनुभवों को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह यात्रा बिहार की बौद्ध विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने में मदद करेगी और भारत एवं थाईलैंड के बीच पर्यटन तथा सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करेगी।’’
यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने डुंगेश्वरी पहाड़ियों, सुजाता मंदिर और सुजाता स्तूप के अलावा थाई मंदिर, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) संग्रहालय और 80 फुट ऊंची बुद्ध प्रतिमा को भी देखा।
पर्यटन विभाग की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बोधगया की अपनी यात्रा को ‘‘अविस्मरणीय अनुभव’’ बताया। परिचयात्मक यात्रा में बोधगया, राजगीर, नालंदा, वैशाली और पटना के प्रमुख बौद्ध, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को शामिल किया जाएगा।
बयान में बताया गया कि 21 सितंबर को प्रतिनिधिमंडल के गेहलौर स्थित दशरथ मांझी स्मारक, राजगीर नेचर सफारी और ग्लास ब्रिज जाने का कार्यक्रम है।
यात्रा कार्यक्रम में राजगीर स्थित प्राचीन नालंदा महाविहार, विश्व शांति स्तूप और वेणु वन के दौरे के बाद वैशाली के कोल्हुआ स्थित अवशेष स्तूप का भ्रमण एवं अशोक स्तंभ का दीदार भी शामिल है।
बयान के मुताबिक, यह यात्रा पटना में प्रतिनिधिमंडल और स्थानीय पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के बीच संवाद के साथ संपन्न होगी।
भाषा जितेंद्र सुरेश
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