बिहार जल्द ही एआई नीति लागू करेगा: सम्राट चौधरी

बिहार जल्द ही एआई नीति लागू करेगा: सम्राट चौधरी

बिहार जल्द ही एआई नीति लागू करेगा: सम्राट चौधरी
Modified Date: May 23, 2026 / 08:44 pm IST
Published Date: May 23, 2026 8:44 pm IST

पटना, 23 मई (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार बिहार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का प्रमुख केंद्र विकसित करने की योजना के तहत जल्द ही एआई नीति लागू करेगी।

चौधरी ने पटना के ऊर्जा सभागार में ‘बिहार एआई शिखर सम्मेलन 2026’ के उद्घाटन समारोह में कहा कि एआई शासन और पारदर्शिता में सुधार करने तथा बिहार के विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘बिहार एआई केंद्र बनने की दिशा में काम करना जारी रखेगा और सरकार जल्द ही एआई नीति लाएगी। एआई के माध्यम से बिहार देश के अग्रणी विकसित राज्यों में शामिल होगा।”

चौधरी ने सभी सरकारी विभागों से कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार के लिए एआई का अधिकतम उपयोग करने का आग्रह किया।

उन्होंने विशेष रूप से राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘सहयोग शिविरों’ का उल्लेख किया तथा कहा कि एआई तकनीक से जन शिकायतों के समाधान में तेजी आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सहयोग शिविरों’ में प्राप्त शिकायतों का समाधान 30 दिन के भीतर किया जाना चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारी को 31वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा निलंबित कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘एआई हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बनने जा रहा है। आज करीब 120 करोड़ लोग मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के संचार क्षेत्र में क्रांति ला दी है और एआई भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाएगा।’’

चौधरी ने बिहार में बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी दिया और कहा कि अगले चरण में एक समृद्ध और तकनीकी रूप से उन्नत राज्य के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

उन्होंने घोषणा की कि प्रस्तावित 125 किलोमीटर लंबी गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना, जिसकी अनुमानित लागत 30,000 करोड़ रुपये है, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत अगले तीन वर्षों में पूरी हो जाएगी।

चौधरी ने कहा कि लंबे समय से लंबित विक्रमशिला विश्वविद्यालय परियोजना चालू वित्त वर्ष में साकार हो जाएगी, जबकि जुलाई से 211 ब्लॉक में डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के सभी 534 ब्लॉक में मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे।

योजना के अनुसार, पटना में ऐसे 10 स्कूल स्थापित किए जाएंगे, जबकि गया, बिहार शरीफ, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, हाजीपुर और छपरा सहित नगर निगम शहरों में पांच-पांच स्कूल स्थापित किए जाएंगे।

चौधरी ने प्रवासी बिहारियों से राज्य के विकास में योगदान देने की अपील करते हुए कहा कि सरकार श्रम कार्यों के लिए मजबूरी में होने वाले पलायन को कम करने के लिए राज्य के भीतर रोजगार के अवसर सृजित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ जाति या धर्म की परवाह किए बिना 48 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि एआई तकनीक राज्य में पुलिसिंग और अपराध निगरानी प्रणालियों को भी मजबूत करेगी।

उन्होंने कहा कि बिहार केंद्र के सहयोग से 20,000 मेगावाट बिजली उत्पादन की दिशा में काम कर रहा है और औद्योगिक विकास एवं निवेश के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति आवश्यक है।

शिखर सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, आईटी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, भारत जीपीटी संस्थापक अंकुश सभरवाल और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे।

भाषा अमित नेत्रपाल

नेत्रपाल


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