पटना, तीन सितंबर (भाषा) राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि केंद्र और बिहार सरकार राज्य में हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या का कोई ‘‘स्थायी समाधान’’ निकालने में विफल रही है।
तेजस्वी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘केंद्र में 12 वर्षों और बिहार में 20 वर्षों से सत्ता में रही भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ( राजग) सरकारें बाढ़ जैसी समस्या और उससे होने वाली तबाही का स्थायी समाधान नहीं खोज सकीं।’’
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जन-धन और पशुधन की हानि रोकने के लिए जमीनी स्तर पर विशेष ध्यान दिया जाए, क्योंकि ‘‘आगे और बड़ा खतरा मंडरा सकता है।’’
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने कहा कि वह शुक्रवार को अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे।
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की शनिवार से प्रस्तावित ‘नीतीश संवाद यात्रा’ पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में तेजस्वी ने आरोप लगाया कि जदयू के कई नेता, जिनमें उसके राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष भी शामिल हैं, भाजपा के इशारे पर अपनी ही पार्टी को कमजोर करने में लगे हैं।
उन्होंने दावा किया, ‘‘मुख्यमंत्री पद से हटाने के बाद नीतीश को राज्यसभा भेज दिया गया। जदयू को खत्म कर दिया गया है। संजय कुमार झा जैसे नेता वास्तव में भाजपा के व्यक्ति हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह की चापलूसी में लगे हैं। अंततः वे भाजपा में ही लौट जाएंगे।’’
तेजस्वी ने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की और प्रधानमंत्री मोदी से रील बनाने के बजाय जमीनी हकीकत पर ध्यान देने की अपील की।
राजद नेता ने कहा, ‘‘मोदी जी रील बनाते हैं, लेकिन हकीकत नहीं देखते। प्रति व्यक्ति आय के मामले में भूटान और श्रीलंका जैसे छोटे देश भारत से आगे निकल गए हैं। रोजाना 26 स्कूल बंद हो रहे हैं, महंगाई चरम पर है, बेरोजगारी व्यापक है और सरकार भारतीय रिजर्व बैंक से भारी कर्ज ले रही है।’’
भाषा कैलाश शफीक
शफीक