अदाणी समूह का बिहार, आंध्र प्रदेश के अलावा गैर-भाजपा शासित राज्यों में भी फैल रहा है कारोबार

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अदाणी समूह का बिहार, आंध्र प्रदेश के अलावा गैर-भाजपा शासित राज्यों में भी फैल रहा है कारोबार

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  • Publish Date - September 3, 2026 / 10:19 PM IST,
    Updated On - September 3, 2026 / 10:19 PM IST

नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) अदाणी समूह ने कांग्रेस और अन्य गैर-भाजपा दलों के शासन वाले राज्यों में भी अपना कारोबार तेजी से बढ़ाया है। समूह इन राज्यों में सड़क, बंदरगाह, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा, सीमेंट और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में करीब पांच लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम कर रहा है या उन्हें आगे बढ़ा रहा है।

सूत्रों ने कहा कि कभी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के करीब माने जाने वाले अदाणी समूह की परियोजनाओं की सूची लगातार राजनीतिक सीमाओं से परे बढ़ती जा रही है। कर्नाटक, तेलंगाना, केरल और तमिलनाडु से लेकर बिहार और आंध्र प्रदेश तक की सरकारें इस कारोबारी समूह में निवेश आकर्षित करने की कोशिश कर रही हैं।

अदाणी समूह की कारोबारी विस्तार योजनाओं का हिस्सा बनने वाले इन राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगी दलों के शासन वाले राज्य बिहार और आंध्र प्रदेश भी शामिल हैं।

विपक्षी दल कांग्रेस के शासन वाले कर्नाटक में अदाणी एंटरप्राइजेज बेंगलुरु में हेब्बाल और सेंट्रल सिल्क बोर्ड को जोड़ने वाली प्रस्तावित 16.75 किलोमीटर लंबी उत्तर-दक्षिण सुरंग सड़क परियोजना के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी बनी है। कंपनी ने 22,267 करोड़ रुपये की बोली लगाई है। हालांकि, परियोजना के ठेके को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

बेंगलुरु की यातायात समस्या से निपटने के लिए प्रस्तावित यह परियोजना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने पिछले महीने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से मुलाकात की थी।

अदाणी समूह की कर्नाटक में पहले से महत्वपूर्ण मौजूदगी है। इसमें 1,200 मेगावाट का उडुपी बिजली संयंत्र और मंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शामिल है।

केरल में अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकॉनमिक जोन ने विड़िण्गम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह विकसित किया है। यह परियोजना पिछली वाममोर्चा सरकार के समय शुरू हुई थी और कांग्रेस की अगुवाई वाली मौजूदा सरकार के कार्यकाल में आगे बढ़ी। जनवरी, 2026 में समूह ने इस बंदरगाह के दूसरे चरण की शुरुआत की, जिस पर 16,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा। इससे परियोजना में कुल निवेश करीब 30,000 करोड़ रुपये हो जाएगा।

समूह तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का भी संचालन करता है। उसने 2025 में कोच्चि के कलमस्सेरी में 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले लॉजिस्टिक पार्क की आधारशिला रखी थी। करीब 70 एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना से 1,500 से अधिक रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।

तेलंगाना में कांग्रेस सरकार ने जनवरी, 2024 में अदाणी समूह की कंपनियों के साथ 12,400 करोड़ रुपये के निवेश के लिए चार समझौता ज्ञापन किए थे। इनमें डेटा सेंटर, ऊर्जा भंडारण, सीमेंट और रक्षा विनिर्माण से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।

तमिलनाडु में समूह ने 2024 में 42,700 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के लिए समझौते किए थे। इनमें तीन पंप-भंडारण परियोजनाओं के लिए 24,500 करोड़ रुपये, विशाल डेटा सेंटर के लिए 13,200 करोड़ रुपये, तीन सीमेंट ग्राइंडिंग इकाइयों के लिए 3,500 करोड़ रुपये और गैस वितरण कारोबार के लिए 1,568 करोड़ रुपये शामिल हैं। ये समझौते तत्कालीन मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार के समय हुए थे।

इसके अलावा, अदाणी एंटरप्राइजेज ने चेन्नई आउटर रिंग रोड के संचालन, रखरखाव और टोल वसूली का ठेका भी 2,511 करोड़ रुपये की वित्तीय बोली के साथ हासिल किया है।

कांग्रेस के ही शासन वाले हिमाचल प्रदेश में समूह स्थानीय किसानों, खासकर सेब उत्पादकों के लिए फल आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने में मदद कर रहा है। समूह राज्य में सीमेंट कारोबार भी संचालित करता है।

इसी तरह, कांग्रेस-झामुमो गठबंधन शासित झारखंड में समूह 1,600 मेगावाट क्षमता वाले गोड्डा अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल बिजली संयंत्र का संचालन करता है। इस परियोजना में 16,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। अदाणी ने फरवरी में झारखंड और बिहार की परियोजनाओं की समीक्षा की थी। सूत्रों ने कहा कि समूह इन दोनों राज्यों में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावनाएं तलाश रहा है।

बिहार में भी अदाणी समूह ने मई में तीन-चार वर्षों के भीतर बिजली, सड़क, गैस वितरण, सीमेंट और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में 50,000-60,000 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना की घोषणा की थी। इसमें भागलपुर जिले के पीरपैंती में 27,000 करोड़ रुपये वाला 2,400 मेगावाट क्षमता का ताप बिजली संयंत्र शामिल है।

आंध्र प्रदेश में समूह के लिए अवसर और भी बड़ा है। हालांकि, निवेश के प्रमुख आंकड़े को सही संदर्भ में देखना होगा। गूगल ने 2026-2030 के दौरान विशाखापत्तनम में कृत्रिम मेधा (एआई) केंद्र विकसित करने के लिए करीब 15 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इस परियोजना में अदाणी कॉनेक्स और एयरटेल बुनियादी ढांचा साझेदार हैं।

अदाणी समूह आंध्र प्रदेश में कृष्णापत्तनम बंदरगाह के अलावा नवीकरणीय ऊर्जा और पारेषण परियोजनाओं में भी निवेश कर रहा है। समूह दो पंप-भंडारण परियोजनाओं और पारेषण लाइन के विकास में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रहा है। कृष्णापत्तनम देश के पूर्वी तट का सबसे बड़ा बंदरगाह है।

सूत्रों का कहना है कि बड़ी और जटिल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने की अदाणी समूह की क्षमता ने उसे ऐसे राज्यों के विकास एजेंडा में महत्वपूर्ण बना दिया है, जहां अन्य बड़े संगठनों ने अपेक्षाकृत कम ध्यान दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, अदाणी समूह की बुनियादी ढांचा महत्वाकांक्षाएं अब भाजपा शासित राज्यों तक ही सीमित नहीं हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की सरकारें भी बड़े पैमाने पर निवेश, बुनियादी ढांचे के विकास और रोजगार के लिए समूह के साथ काम कर रही हैं।

इससे अदाणी समूह के लिए ऐसा कारोबारी विस्तार हो रहा है, जो भारत की राजनीतिक सीमाओं से परे है। वहीं, राज्य सरकारों के लिए यह बड़े निवेश और जटिल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तेजी से अमल में लाने में सक्षम कंपनियों की तलाश को दर्शाता है।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

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